ऊँचाहार (रायबरेली)। ग्राम सभा सेवैया हसन, परगना सलोने में चकरोड पर पक्का निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।


ऊँचाहार (रायबरेली)। ग्राम सभा सेवैया हसन, परगना सलोने में चकरोड पर पक्का निर्माण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रकरण के चलते ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो गई है और पूरे गांव में आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में ग्राम फूलगवां निवासी रामदेव पुत्र श्रीतलदीन ने जिलाधिकारी रायबरेली को एक प्रार्थना पत्र देकर अवैध निर्माण हटवाने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज गाटा संख्या 564/0.06880 हे. पर चकरोड स्पष्ट रूप से सार्वजनिक मार्ग के रूप में चिन्हित है, जिसका उपयोग ग्रामीण वर्षों से आवागमन हेतु करते आ रहे हैं। लेकिन विपक्षी रामप्रसाद पुत्र बुजलाल द्वारा इस चकरोड पर जबरन पक्के निर्माण की शुरुआत कर दी गई, जिससे गांव के लोगों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। ग्रामीणों के अनुसार रास्ता बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों, बुजुर्गों तथा मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग खेत-खलिहान तक पहुंचने में असमर्थ हो गए हैं, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।रामदेव का कहना है कि जब इस अवैध निर्माण की शिकायत स्थानीय लेखपाल और क्षेत्रीय प्रशासन से की गई, तब भी विपक्षी ने दबंगई दिखाते हुए निर्माण कार्य जारी रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि विपक्षी द्वारा प्रशासनिक उदासीनता का लाभ उठाकर मोटी रकम खर्च कर सीमांकन के नाम पर भ्रम फैलाया गया, जबकि चकरोड राजस्व अभिलेखों में पहले से दर्ज है। रामदेव ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि ग्रामीणों की मुश्किलों को देखते हुए तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर अवैध निर्माण ध्वस्त कराया जाए, ताकि चकरोड पुनः सुचारू रूप से उपयोग में लाया जा सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पूरे इलाके में न्याय की उम्मीद लेकर लोग जिलाधिकारी की ओर देख रहे हैं।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।