पीड़िता का कहना है कि उसके देवर ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर मारपीट की, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा मेडिकल परीक्षण के बावजूद उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है।
भड़सार टोला चिरैयाडाड़ निवासी अनीता देवी पत्नी रामसेवक ने मंगलवार को एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र में घटना का विस्तार से उल्लेख करते हुए बताया कि 30 नवंबर 2025 को सुबह लगभग 9:00 बजे वह घर में अकेली खाना बना रही थी। तभी पीड़िता को अकेला जानकर उसके देवर ने गलत नियत से घर के अंदर घुस आए और उसे पीछे से पकड़ लिया। पीड़िता का आरोप है कि देवर ने उसके साथ गलत हरकतें व छेड़खानी शुरू कर दी तथा उसके कपड़े खींचकर खोलने और फाड़ने की कोशिश की।
शोर मचाने पर मारपीट करने लगा। पीड़िता ने विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू किया, तो आरोपी ने उसे बेरहमी से मारा-पीटा, जिससे उसे काफी चोटें आईं। शोर सुनकर घर के अन्य सदस्य मौके पर दौड़े और उसे आरोपी से बचाया। इसके बाद आरोपी देवर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकला।
पीड़िता अनीता देवी ने बताया कि उसने तुरंत इस गंभीर घटना की सूचना स्थानीय गीडा थाना पुलिस को दी। थाना गीडा के द्वारा उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से पुलिस ने अभी तक उसका मुकदमा (FIR) पंजीकृत नहीं किया है।
पीड़िता का आरोप है कि वह न्याय के लिए बार-बार थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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