बैठक में सर्वसम्मति से युगान्तर आर्ट एंड लिटरेचर फोरम का गठन किया गया, जो आगामी समय में क्षेत्र की कला, संस्कृति और साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार के लिए कार्य करेगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अनुराग आग्नेय ने कहा कि बदलते समय में कला और साहित्य समाज को दिशा प्रदान करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक आयोजनों की बढ़ती आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सिधौली को नई पहचान दिला सकते हैं।
अधिवक्ता सम्पूर्णानन्द ने कहा कि सिधौली अपनी भौगोलिक स्थिति और अच्छी कनेक्टिविटी के कारण एक संभावित सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। उन्होंने फोरम द्वारा भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों को क्षेत्र की बौद्धिक और रचनात्मक उन्नति में महत्वपूर्ण बताया।
युगान्तर एजुकेशनल ट्रस्ट के प्रबंध-न्यासी अनूप कुमार ने बताया कि यह फोरम ट्रस्ट के एक अंग के रूप में कार्य करेगा और साहित्य क्षेत्र के नवोदित प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि फोरम के माध्यम से कवि गोष्ठी, संगोष्ठी, पेंटिंग कार्यशाला, नाट्य मंचन जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के दौरान दस सदस्यीय कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जो फोरम के संचालन और कार्यक्रमों की योजना निर्माण का दायित्व संभालेगी।
इस अवसर पर तुलसी मानस कथा सेवा संस्थान के प्रबंधक कुमार मिश्र, अरविंद गौतम, उबैद अंसारी, रामनाथ रावत, प्रेम कुमार सहित क्षेत्र के अनेक साहित्यप्रेमी और समाजसेवी उपस्थित रहे।
फोरम के गठन को नगर के बौद्धिक वर्ग ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया है। उम्मीद है कि यह नया मंच सिधौली को कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा।
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