सिद्धार्थनगर की नगरपालिका परिषद में गौशाला के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) ने वहां की दयनीय स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। निरीक्षण में पाया गया कि गौशाला में संरक्षित 57 गोवंश भूख और प्यास से तड़प रहे थे, क्योंकि उनके लिए भूसा और हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी।


संवाददाता - मंडल ब्यूरो चीफ 
राजीव कुमार सिकरवार 
 आगरा उत्तर प्रदेश

सिद्धार्थनगर की नगरपालिका परिषद में गौशाला के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) ने वहां की दयनीय स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। निरीक्षण में पाया गया कि गौशाला में संरक्षित 57 गोवंश भूख और प्यास से तड़प रहे थे, क्योंकि उनके लिए भूसा और हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी।

निरीक्षण में उजागर हुईं कमियाँ---

चारे का अभाव: गौशाला में गोवंश के लिए न तो हरा चारा उपलब्ध था और न ही सूखा भूसा।

पेयजल की अव्यवस्था: पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे पशु प्यासे थे।
लापरवाही: डीएम ने पाया कि गौशाला के प्रबंधन में घोर लापरवाही बरती जा रही है, जो कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है। 
डीएम ने दिए सख्त निर्देश
गौशाला की बदहाल स्थिति देखकर डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने तत्काल नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने गौशाला के जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने के आदेश दिए हैं। 
अन्य गौशालाओं में भी खराब हालात---
यह सिद्धार्थनगर में गौशालाओं की खराब स्थिति का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अन्य हिस्सों में गौशालाओं में अव्यवस्था और लापरवाही की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग इस बात पर रोष व्यक्त कर रहे हैं कि सरकार के पर्याप्त फंड आवंटित करने के बावजूद गौशालाओं में गायों की देखभाल में लापरवाही हो रही है।

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