कानपुर से बड़ी खबर


स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और विश्व प्रसिद्ध शोधकर्ता डॉ. काशी प्रकाश जायसवाल को समर्पित भव्य समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि डॉ. जायसवाल ने अपने शोध से सिद्ध किया कि भारत का इतिहास संघर्षों का इतिहास है, न कि गुलामी का। उनके शोध के बाद कई अंतरराष्ट्रीय इतिहासकारों ने अपनी पुस्तकों में तथ्य संशोधित किए। पुष्पेंद्र जायसवाल ने कानपुर के पूर्व मेयर भारत सरकार ने केंद्रीय मंत्री रहे श्री प्रकाश जायसवाल को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया उन्होंने कहा कि डॉक्टर काशी प्रसाद जयसवाल भारत रत्न से विभूषित किया जाए तथा एक पुस्तकालय भी उनके नाम से कानपुर नगर में खोला जाए।
समारोह में मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया, 50 बुजुर्गों का सत्कार किया गया और विवाह परिचय सम्मेलन में 250 युवक-युवतियों ने पंजीकरण कराया।
सभा ने भारत सरकार से मांग की कि ऐसे महान व्यक्तित्व को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए, और नगर निगम से आग्रह किया गया कि कानपुर में उनके नाम से पार्क एवं प्रतिमा स्थापित की जाए। युवाओं को सोशल मीडिया के दुष्परिणामों से सावधान रहने और माता-पिता से संवाद बनाए रखने की अपील की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ आर बी जायसवाल ने की तथा विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
अंत में सभा के महामंत्री गया प्रसाद जायसवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
महान इतिहासकार डॉ. काशी प्रकाश जायसवाल को समर्पित भव्य समारोह — मेधावी प्रतिभाओं का सम्मान
50 बुजुर्गों का सत्कार, 250 युवाओं ने विवाह हेतु कराया पंजीकरण — समाज निर्माण की अनोखी पहल
डॉ. काशी प्रकाश जायसवाल को भारत रत्न देने की मांग तेज
नगर निगम से पार्क व प्रतिमा स्थापित करने का आग्रह

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