फरह।


26 नवम्बर 2025 को सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (SPCDF – An Amul Venture) द्वारा राष्ट्रीय दुग्ध दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिवस “भारत के डेयरी विकास के शिल्पकार” डॉ. वर्गीस कुरियन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिन्होंने भारत में श्वेत क्रांति की नींव रखकर देश को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. कुरियन की प्रतिमा/चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई। इस अवसर पर विशेषज्ञों, दुग्ध उत्पादकों, महिलाए, और युवाओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने इस अवसर पर डॉ. कुरियन के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सहकारिता पर आधारित ‘अमूल मॉडल’ विकसित कर देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया।राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अंतर्गत “सहकार जागृतता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया, जिसमें गाँवों के दुग्ध उत्पादकों, महिलाए और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. कुरियन के ‘दुग्ध उत्पादक ही मालिक’ वाले दर्शन को समाज तक पहुँचाना और सहकारी दुग्ध व्यवसाय के लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण तथा माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता के क्षेत्र में एक नई क्रांति हो रही है। इसी भावना से प्रेरित होकर सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (SPCDF) की स्थापना हुई है, जिसका उद्देश्य देशभर के दुग्ध उत्पादकों को एक संगठित सहकारी ढाँचे से जोड़ना है, ताकि किसानों को संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक मजबूत, पारदर्शी और लाभकारी अमूल प्रणाली का लाभ मिल सके। वर्तमान में SPCDF भारत के 20 राज्यों में सक्रिय है और गाँव-गाँव में ग्राम दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को बढ़ावा दे रहा है। SPCDF का संचालन भी उसी त्रिस्तरीय अमूल सहकारी मॉडल पर आधारित है जहाँ प्रत्येक स्तर पर निर्णय दुग्ध उत्पादक-केन्द्रित और लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर लिए जाते हैं।
कार्यक्रम के तहत दुग्ध उत्पादकों ने संकल्प लिया कि उनके गाँवों में ग्राम दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर उन्हें SPCDF से संबद्ध किया जाएगा। इससे उन्हें अमूल मॉडल के अंतर्गत मिलने वाले लाभ प्राप्त होंगे जैसे , दूध का उचित और पारदर्शी मूल्य, चारा एवं पोषण सहायता, पशु स्वास्थ्य सेवाएँ, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, वित्तीय और तकनीकी सहायता इत्यादि। समारोह के अंत में दुग्ध उत्पादकों ने यह संकल्प लिया कि वे सहकारिता की शक्ति के माध्यम से अपने गाँवों में आर्थिक समृद्धि लाएँगे तथा डॉ. कुरियन के “सहकारिता और तकनीक आधारित डेयरी विकास” के सपने को साकार करेंगे।
कार्यक्रम का समापन बाइक रैली के साथ किया गया  जिसका उद्देश्य जनमानस को डॉ. वर्गीस कुरियन के जीवन और SPCDF (सरदार पटेल कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन) के जागरूक करना था |
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री विवेक शर्मा , अवशीतन केंद्र प्रभारी श्री बिपुल कुमार, प्लांट ओनर श्री कमल उपाध्यय , श्री राकेश एवं समस्त डेरी कर्मचारी उपस्थित रहे |

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