बुंदेलखंड के जसपुरा और पैलानी क्षेत्र में किसान इन दिनों ऐसी जंग लड़ रहे हैं, जिसमें उनका प्रतिद्वंद्वी न हथियार जानता है, न सीमा—और वह है आवारा गौवंश। फसलें बचाने के लिए अन्नदाता रात की ठिठुरन में पहरा देने को विवश हैं। आज किसानों ने सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले के साथ एसडीएम पैलानी को


बुंदेलखंड के जसपुरा और पैलानी क्षेत्र में किसान इन दिनों ऐसी जंग लड़ रहे हैं, जिसमें उनका प्रतिद्वंद्वी न हथियार जानता है, न सीमा—और वह है आवारा गौवंश। फसलें बचाने के लिए अन्नदाता रात की ठिठुरन में पहरा देने को विवश हैं। आज किसानों ने सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले के साथ एसडीएम पैलानी को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से स्थायी समाधान की गुहार लगाई।किसानों का तर्क साफ है—यदि गौशालाएँ पर्याप्त और सक्रिय हों, तो सैकड़ों गाय और सांड गाँवों में यूँ भटककर फसलों की बरबादी न करें। लगभग 300 आवारा पशुओं का खुला विचरण न केवल कृषि को निगल रहा है, बल्कि किसान की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रहा है 
किसानों ने चेताया है—यदि एक सप्ताह में स्थिति नहीं सुधरी, तो वे शांत प्रतीक्षा छोड़कर धरना-प्रदर्शन के रास्ते पर उतरेंगे। उम्मीद यही है कि उनकी यह पीड़ा प्रशासन तक केवल सूचना बनकर न पहुँचे, बल्कि समाधान बनकर लौटे।

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