मनुष्य का शरीर बार-बार नहीं मिलता इसे प्राप्त करके व्यर्थ मत खोना- स्वामी मधुसूदनाचार्य जी
उड़ीसा के पुरी की सबसे प्राचीनतम व मुख्य मार्ग शबरी की धरती शिवरीनारायण में आज चतुर्थ दिवस श्रीमद् भागवत कथा के दौरान इस ब्रह्मांड के इस पावन धरती में श्री भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर परिसर पर श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव का रसपान कर भाव विभोर हो गए।

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