आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार


रिपोर्ट सुधीर वर्मा अब तक न्याय महमूदाबाद (सीतापुर)
मौलाना आज़ाद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमैनिटीज़, साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सभागार में आज भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री, आयरन लेडी, लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित भारत रत्न स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती सादगी व श्रद्धा के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डाॅ. विभा मिश्रा, समस्त प्राध्यापकों व छात्र-छात्राओं द्वारा उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर राष्ट्र की इस महान नायिका को नमन करने से हुई।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में प्राचार्य डाॅ. विभा मिश्रा ने कहा कि इंदिरा गांधी का सम्पूर्ण जीवन निर्भीकता, संकल्प शक्ति और राष्ट्रहित के लिए समर्पण का प्रतीक रहा है। उनके कार्यकाल में बैंकों का राष्ट्रीयकरण, ‘गरीबी हटाओ’ का नारा, गरीबी उन्मूलन की योजनाएँ तथा अनेक ऐतिहासिक निर्णयों ने देश को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के विचार और आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

इस अवसर पर डाॅ. नीति श्रीवास्तव, डाॅ. देविका जौहरी, डॉ. प्रदीप कुमार, कु. दृष्टि जैन, कु. लक्ष्मी गुप्ता, जितेन्द्र कुमार, रमणीक पाण्डेय, अनूप सिंह सहित समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी व छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में देशभक्ति और प्रेरणा का वातावरण व्याप्त रहा तथा सभी ने इंदिरा गांधी के राष्ट्रनिर्माण संबंधी योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।