बाराबंकी प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते प्रसव के उपरांत प्रसूता की मौत हो गई। चिकित्सकों ने हालत गंभीर बता कर उसे रेफर कर दिया और


रामनगर बाराबंकी प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते प्रसव के उपरांत प्रसूता की मौत हो गई।  चिकित्सकों ने हालत गंभीर बता कर उसे रेफर कर दिया और परिजनों से दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। प्रसूता के परिजनों ने जब लापरवाही की चलते मौत का आरोप लगाकर हंगामा शुरू किया  तो पुलिस बुलाकर एंबुलेंस के द्वारा जबरन सीएचसी रामनगर भेज दिया।।सी एच सी पर मौजूद डॉक्टर  प्राइवेट अस्पताल से भी दो कदम आगे निकले और उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाने पर इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने परिजनों को बताया कि प्रसूता की मौत तो 2 घंटे पहले ही हो चुकी है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने प्रसूता के शव को कब्जे में  लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

मामला थाना रामनगर के ग्राम रजनापुर मजरें गोबरहा का है। यहां के निवासी   गौरी कान्त मिश्रा ने अपनी पुत्री लक्ष्मी का विवाह लखनऊ के भीखमपुर पेपर मिल कॉलोनी निशातगंज निवासी वीरेंद्र तिवारी से की थी। लक्ष्मी इन दिनों अपने मायके रजनापुर में थी। परिजनों के मुताबिक प्रसव पीड़ा के चलते लक्ष्मी को मंगलवार को रामनगर के कटियारा में संचालित ग्रीन हॉस्पिटल आशा संगिनी के द्वारा ले जाया गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने25000 का पैकेज तय कर प्रसूता को भर्ती करके उसका ऑपरेशन कर दिया शाम को 5 बजे बच्ची का जन्म हुआ परिजनों के मुताबिक बुधवार को प्रसूता की इलाज में लापरवाही के चलते हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया तो गंभीर हालत बता कर उसे रेफर कर दिया परिजन ले जाने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस बुला ली गई। आशा संगिनी के साथ परिजन प्रसूता को लेकर रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  फिर पहुंचे तो वहां मौजूद चिकित्सक ने उसे ठीक से देखना मुनासिब नहीं समझा और जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया परिजन जब प्रसूता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि इसकी मौत तो 2 घंटे पहले ही हो चुकी है। परिजनों के द्वारा नाराजगी जताई जाने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 

बॉक्स 

प्रसूता की मौत का कोई यह पहले मामला नहीं है आशा बहुओं के द्वारा की जा रही भारी कमीशन खोरी के चलते मौत की भेंट कर चुकी है आशा बहू के द्वारा प्रसुताओं को सरकारी अस्पताल ना ले जाकर के उन्हें समझा कर अच्छे इलाज का झांसा देकर प्राइवेट अस्पताल में ले जाया जाता है यहां प्राइवेट अस्पतालों के द्वारा डिलीवरी के नाम पर मरीजों से मोटी रकम ली जाती है और आशा बहू को निर्धारित कमीशन दिया जाता है। इसे पूर्व में भी रामनगर में प्राइवेट अस्पताल में प्रसूता की मौत हो चुकी है जहां आशा बहू के द्वारा सीएचसी से प्राइवेट अस्पताल में ले जाने का खुलासा हुआ था लेकिन कोई कार्रवाई न होने से आशा बहुओं की कमीशन खोरी लगातार जारी है। हैरतअंगेज बात तो कि प्रसूता  लक्ष्मी की मौत के मामले में आशा संगिनी के द्वारा उसे अस्पताल ले जाया गया था।

 

बॉक्स

ग्रीन हॉस्पिटल में हुई मौत का मामला यह नया नहीं है यह अस्पताल विवादों के घेरे में रहा है पहले यह रामनगर के बुढ़वल गांव में संचालित होता था यहां एक महिला मरीज के द्वारा अस्पताल संचालक व डाँक्टर पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी गई थी। लेकिन सेटिंग गेटिंग के चलते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी थी जिसके चलते उसके कुछ दिन बाद संचालक के द्वारा बुढ़वल गांव से हटाकर इसे कटियारा गांव में खोल दिया गया जहां इलाज के नाम पर मरीजों को लूटा जा रहा है।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Bhanu Pratap Dixit

अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।