ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बना शोपीस गोरखपुर पीपीगंज भरोहिया ब्लाक अंतर्गत रामपुर कैथवलिया में विकास के दावों के बीच ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत सामने आ रही है। जिले के भरोहिया विकासखंड अंतर्गत रामपुर कैथवलिया टोला गागपार में ग्राम पंचायत द्वारा बनवाया गया ठोस अपशिष्ट प्


ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बना शोपीस

गोरखपुर पीपीगंज भरोहिया ब्लाक अंतर्गत रामपुर कैथवलिया में विकास के दावों के बीच ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत सामने आ रही है। जिले के भरोहिया विकासखंड अंतर्गत रामपुर कैथवलिया टोला गागपार में ग्राम पंचायत द्वारा बनवाया गया ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र अब एक शोपीस की तरह खड़ा है। केंद्र के ठीक सामने ही कूड़े का ढेर लग गया है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध का गुबार फैल गया है। आने-जाने वाले ग्रामीणों को इस रास्ते से गुजरना अब एक चुनौती बन गया है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कूड़े का यह ढेर कि दुर्गंध की वजह से घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। "रुमाल मुंह पर लगाकर ही निकलते हैं, वरना सांस लेना दूभर हो जाता है," एक ग्रामीण ने शिकायत की। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और अस्थमा से पीड़ित मरीजों को हो रही है। सुबह-शाम सैकड़ों स्कूली बच्चे इस रास्ते से गुजरते हैं, जिन्हें दुर्गंध और मच्छरों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। एक महिला ने कहा, "बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।"हैरानी की बात तो यह है कि यह जगह विकासखंड भरोहिया से महज दो किलोमीटर दूर है, फिर भी संबंधित विभाग कूड़े के निस्तारण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। ग्राम पंचायत द्वारा केंद्र बनवाने के बाद उसके रखरखाव और उपयोगिता को पूरी तरह भुला दिया गया लगता है। केंद्र का निर्माण तो हो गया, लेकिन इसका संचालन शुरू होने में देरी हो रही है, जिससे यह अब एक बेकार की संरचना बनकर रह गई है।इस मामले मे एडीओ पंचायत रवि कुमार से बात की, तो उन्होंने आश्वासन दिया 25 अक्टूबर तक केंद्र को पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा। सामने लगा कूड़ा भी साफ कराया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आश्वासनों की भरमार है, लेकिन अमल कम ही होता है।

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