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लव सिंह यादव अब तक न्याय
डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र भीमराव यशवंत अंबेडकर ने किया लखनऊ में बाबा साहेब के अस्थि कलश स्थल का दर्शन एवं पुष्प अर्पण और बहुजन संगठक समाचार पत्र,दलित घोष का विमोचन किया!
लखनऊ, 5 अक्टूबर 2025।
डा० अबेडकर संवैधानिक महासंघ के तत्वावधान में आज लखनऊ स्थित डा० भीमराव अंबेडकर महासभा प्रांगण (10 विधानसभा के सामने) स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश स्थल पर एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रपौत्र भीमराव यशवंत अंबेडकर ने पहुँचकर बाबा साहेब के अस्थि कलश स्थल के दर्शन किए तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
भीमराव यशवंत अंबेडकर ने अपने उद्बोधन में कहा—
> “यह देश का एकमात्र ऐसा पवित्र स्थल है जिसकी ख्याति देश ही नहीं, विदेशों में भी व्याप्त है। यह स्थान दबे-कुचले, शोषित-पिड़ित समाज के लिए एक तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित है। यहां आकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह स्थल बाबा साहेब अम्बेडकर के अनुयायियों के लिए एक भव्य दार्शनिक प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा—
> “उत्तर प्रदेश की सरकारों ने इस ऐतिहासिक स्थल के साथ हमेशा दोयम दर्जे का व्यवहार किया है। संविधान निर्माता बाबा साहेब के प्रति यह दृष्टिकोण निंदनीय है। आज भी दलित, शोषित, पीड़ित समाज के महापुरुषों की अस्थियाँ, मूर्तियाँ और स्मारक विधानसभा व लोकसभा के सामने नहीं रह सकते—यह सैकड़ों साल पुरानी मानसिकता को दर्शाता है।”
इस अवसर पर डॉ. अंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ तथा बहुजन संगठक समाचार पत्र के संपादक एवं दलित घोष मासिक पत्रिका, दैनिक बहुजन संगठक की संपादक सोनम गौतम ने मा. कांशीराम साहब की विरासत को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
कार्यक्रम के दौरान मा.काशीराम साहेब द्वारा प्रारंभ किए गए “बहुजन संगठक” समाचार पत्र की ऐतिहासिक विरासत को पुनः जीवंत करते हुए “बहुजन संगठक समाचार पत्र” एवं “दलित घोष” पत्रिका का विमोचन भी भीमराव यशवंत अंबेडकर द्वारा किया गया।
इन पत्रिकाओं का संपादक राजेश कुमार सिद्धार्थ तथा संपादक सोनम गौतम द्वारा किया जा रहा है।
यशवंतराव अंबेडकर ने कहा
(“दलित घोष” और “बहुजन संगठक” समाचार पत्र के विमोचन अवसर पर)
सम्मानित उपस्थितजनों,
आज का यह दिवस मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक है। जिस भूमि पर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पवित्र अस्थियाँ विराजमान हैं, उस स्थल पर उपस्थित होकर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूँ। यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान की विचारधारा का प्रतीक है।
मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि बाबा साहेब के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए “बहुजन संगठक समाचार पत्र” और “दलित घोष पत्रिका” के रूप में एक सशक्त बौद्धिक आंदोलन पुनः आरंभ हुआ है। मान्यवर कांशीराम साहब ने “बहुजन संगठक” के माध्यम से बहुजन समाज की चेतना को जगाने का जो कार्य प्रारंभ किया था, वह कार्य आज फिर से नए उत्साह और समर्पण के साथ संपादक राजेश कुमार सिद्धार्थ और सह-संपादक सोनम गौतम के नेतृत्व में जीवित हुआ है।
“बहुजन संगठक” केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि बहुजन समाज की आवाज़ है — एक ऐसा मंच जहाँ समाज के दबे-कुचले, शोषित और उपेक्षित वर्ग अपनी बात पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सके। यह वह कलम है जो सत्ता से सवाल पूछती है, यह वह माध्यम है जो समाज को उसकी असली पहचान दिलाने का कार्य कर रहा है।
इसी तरह “दलित घोष” मासिक पत्रिका समाज में वैचारिक ऊर्जा का संचार करेगी। यह पत्रिका दलित साहित्य, बौद्ध दर्शन, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रभावशाली माध्यम बनेगी। आज के डिजिटल और भ्रामक सूचनाओं के युग में ऐसी वैचारिक पत्रिकाओं का प्रकाशन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही माध्यम हमारे समाज की असली सोच और दिशा तय करेंगे।
मैं सम्पादक मंडल को हृदय से बधाई देता हूँ कि उन्होंने बाबा साहेब और कांशीराम साहब की उस विरासत को जीवंत रखा, जो विचारों के माध्यम से समाज परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। मैं चाहता हूँ कि इन दोनों पत्रों का प्रसार गाँव-गाँव और हर शिक्षित युवा तक पहुँचे, ताकि बहुजन समाज आत्मसम्मान और ज्ञान के पथ पर निरंतर आगे बढ़ सके।
बाबा साहेब ने कहा था — “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।”
“बहुजन संगठक” और “दलित घोष” इन तीनों सूत्रों को धरातल पर लाने वाले सशक्त औजार साबित होंगे। यह दोनों पत्र हमारे समाज की चेतना को दिशा देंगे, अन्याय के विरुद्ध आवाज़ बनेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा-स्रोत रहेंगे।
आज इस पावन अवसर पर मैं सभी से आह्वान करता हूँ —
आइए, हम सब मिलकर बाबा साहेब और मान्यवर कांशीराम साहब के मिशन को आगे बढ़ाएँ, ताकि भारत में सच्चे अर्थों में समानता, बंधुत्व और न्याय का सपना साकार हो सके!
इस अवसर पर सैकड़ों अनुयायी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डा. आर.सी. कमल, अभय प्रताप त्यागी, अब्दुल रहमान, विमला बौद्ध, डा. उमेश कुमार, डा. जावेद आदि गणमान्य जन मौजूद रहे।
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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप
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