लव सिंह यादव अब तक न्याय


हल्की बारिश में ढहा कच्चा मकान, 55 वर्षीय हीरालाल की मौत

क्या गरीबों की इसी तरह मौत होती रहेंगी?

आखिर जिम्मेदारों के खिलाफ कब एक्शन किया जाएगा, या इसी तरह मौतों का सिलसिला जारी रहेगा और लोग भूलते रहेंगे?

क्या समय आ गया है कि इन अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए, या फिर ये सवाल अनसुने रहेंगे और गरीबों की मौतें जारी रहेंगी?

लव सिंह यादव/अब तक न्याय 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर सिस्टम की विफलता और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। ललौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गोझ मजरे तपनी में हल्की बारिश के दौरान एक कच्चे मकान के ढह जाने से 55 वर्षीय हीरालाल की मौत हो गई, जबकि चार अन्य परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर क्यों पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि योगी सरकार बड़े-बड़े वादे कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज का सपना दिखाया था।दिनांक 5 अक्टूबर को सुबह करीब 4 बजे, हल्की हल्की बारिश के चलते हीरालाल का कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। मलबे में दबकर हीरालाल की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में पुत्री रीना उर्फ चुनकी (25), मीना (23), पुत्र योगेन्द्र (18) और माँ सुखरानी (75) शामिल हैं। जिन्हें ग्रामीणों ने तत्काल बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गाजीपुर भेजा गया। गनीमत यह रही कि हीरालाल की पत्नी बेदनिया और उनकी पुत्री मायके गई हुई थीं, वरना यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।ग्रामीणों का कहना है कि हीरालाल और उनके परिवार को आवास योजना के तहत पक्के मकान का वादा किया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और सचिव ने भ्रष्टाचार के जरिए पात्र लोगों को योजना से बाहर रखा और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया। एक ग्रामीण ने बताया, "फाइलों में तो सब कुछ पक्का दिखाया गया, लेकिन ज़मीनी हकीकत में लोग अभी भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। प्रधान और सचिव ने लोगों की जान से खिलवाड़ किया है।"इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि योगी सरकार के वादों और मोदी सरकार के सपनों के बीच एक बड़ी खाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज का सपना दिखाया था, जबकि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गरीबों को पक्के मकान और बेहतर जीवनयापन का वादा किया था। लेकिन इस हादसे ने साफ कर दिया है कि इन वादों और सपनों की ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। भले ही सूबे में सरकार आती है और चली जाती है, लोगों को बड़े-बड़े वादे दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जब ऊपर से नीचे तक सिस्टम भ्रष्ट हो, तो ऐसा ही होगा। अमीर अमीर रहता है, गरीब बिचारा अपनी गरीबी में पिसता रहता है।

फतेहपुर पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा। इस हादसे ने न केवल एक परिवार की जिंदगी बर्बाद की है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी योजनाएं वाकई गरीबों तक पहुंच रही हैं या फिर ये सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्राम प्रधान और सचिव जैसे अधिकारी, जो सीधे तौर पर लोगों के साथ जुड़े होते हैं, उनकी लापरवाही और भ्रष्टाचार कैसे एक पूरे परिवार को बर्बाद कर सकता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जा सकते हैं, और गरीबों की मौतें जारी रहेंगी। संबंधित अधिकारियों को अब अपनी आंखें खोलनी होंगी और ऐसे जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जा सकें।

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