सीतापुर।
विकास खण्ड पहला की ग्राम पंचायत *तुरसेना* और *खेतमनी* में *मनरेगा योजना* पारदर्शिता की जगह अब "खाऊ-कमाऊ योजना" बनकर सामने आ रही है। ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला होने की आशंका गहराई है।
???? *ग्राम पंचायत तुरसेना* में मनरेगा के चार कार्यों पर लगभग 103 मजदूरों की उपस्थिति कई दिनों से फर्जी दर्ज की जा रही है।
???? वहीं *ग्राम पंचायत खेतमनी* में एक कार्य पर 39 लोगों की उपस्थिति दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर काम पहले ही पूरा हो चुका है।
### *ऑनलाइन पोर्टल पर तस्वीरें – धरातल पर सच्चाई और!*
जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि *रोजगार सेवक और संबंधित जिम्मेदार चुनिंदा लोगों को खड़ा करके फोटो अपलोड कर रहे हैं।*
मजेदार बात यह है कि कई कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन पोर्टल पर अब भी दर्ज हो रही "फर्जी हाज़िरी" भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है।
### *खुलकर लूट रहा सरकारी धन!*
सूत्रों का कहना है कि यह पूरा खेल सिर्फ फोटो अपलोड कर सरकारी धन हड़पने का है। मौके की जांच की जाए तो यह *फर्जीवाड़ा ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा।*
### *उच्चस्तरीय जांच की मांग*
ग्राम पंचायतों में चल रहे इस खेल से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर *उच्च स्तरीय जांच* कराई जाए तो *भ्रष्टाचारियों की पूरी पोल खुल जाएगी* और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
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