अक्षय शिंदे एनकाउंटर के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए पुलिस अधिकारियों पर केस दाखिल करने को कहा है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।


महाराष्ट्र के बदलापुर में चर्चित अक्षय शिंदे एनकाउंटर मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। हाई कोर्ट ने एनकाउंटर से जुड़े पुलिस अधिकारियों पर केस दाखिल करने का आदेश जारी किया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसके साथ ही मुंबई के जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस क्राइम लखमी गौतम के नेतृत्व में SIT का गठन करने का निर्देश भी दिया है और कहा है कि उम्मीद है, कि SIT केस की जांच को उचित अंत तक पहुंचाएगी।

इन पुलिस अधिकारियों पर होगा केस

अक्षय शिंदे एनकाउंटर मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 3 पुलिस अभिजीत मोरे, हरिष तावडे, सतीश खताळांवर के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने  SIT का गठन करने का निर्देश देते हुए कहा है कि इस मामले में जांच की अधिक आवश्यकता है। कोर्ट ने अपने आदेश में आगे कहा- "कोर्ट को उम्मीद है, कि SIT केस की जांच को उचित अंत तक पहुंचाएगी।"

कोर्ट ने और क्या कहा?

बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में अनिच्छा के लिए सरकार की आलोचना भी की है। कोर्ट ने कहा- “मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के देखने के बाद हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हिरासत में हुई मौत (अक्षय शिंदे की) की गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि वह पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण घायल हुआ था।” पीठ ने कहा, “केवल न्याय नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसा प्रतीत होना चाहिए कि न्याय हुआ है। हमें उम्मीद और भरोसा है कि एसआईटी साजिश का पर्दाफाश करेगी।”

यहां समझें पूरा मामला

अक्षय शिंदे महाराष्ट्र के बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी था जिसकी पुलिस हिरा,त में मौत हो गई थी। स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे की बीते साल 23 दिसंबर 2024 को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। जब ये घटना हुई तब अक्षय शिंदे को तलोजा जेल से कल्याण ले जाया जा रहा था।

 

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।