पूर्वांचल की 13 लोकसभा सीटों का ब्योरा आपके सामने हैं। पूर्वांचल में सभी दलों के 39 प्रत्याशी हैं। इनमें डॉक्टर, वकील और किसान शामिल हैं। 19 प्रत्याशियों की पत्नियां भी कमाती हैं। सिर्फ पीएम मोदी का ही पेशा राजनीति है।


पूर्वांचल की 13 लोकसभा सीटों के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों (भाजपा और सपा गठबंधन, बसपा) के 39 प्रत्याशी डॉक्टर, वकील, शिक्षक, किसान और व्यवसायी हैं। 19 प्रत्याशियों की पत्नियां भी कमाती हैं। गाजीपुर से प्रत्याशी अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी कपड़ों की कढ़ाई और डिजाइनिंग के अलावा मोबाइल टॉवर के किराया के साथ ही ट्यूशन पढ़ाकर भी कमाई करती हैं। 

सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पेशा राजनीति है। उनके कमाई का जरिया वेतन है। सातवें और अंतिम चरण का मतदान एक जून को होगा। इसके लिए 30 जून तक चुनाव प्रचार चलेगा। राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने शपथ पत्र में अपना जो पेशा बताया है, उसके मुताविक राजनीति के सहारे आय अर्जित करने वाले एक मात्र प्रत्याशी वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।

भदोही से भाजपा के डॉ. विनोद कुमार बिंद चिकित्सक, मछलीशहर (सु.) से सपा की प्रिया सरोज वकील, जौनपुर से बसपा के श्याम सिंह यादव वकील और लालगंज (सु.) से बसपा की डॉ. इंदू चौधरी बीएचयू में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। 

गाजीपुर से भाजपा के पारसनाथ राय व बसपा के उमेश कुमार सिंह, जौनपुर से भाजपा के कृपाशंकर सिंह, घोसी से एनडीए के अरविंद राजभर, बलिया से बसपा के लल्लन सिंह यादव, सलेमपुर से बसपा के भीम राजभर खेती से अर्जित आय पर निर्भर हैं। 

 

इनके अलावा शेष 28 अन्य प्रत्याशी खेती, व्यवसाय, ठेकेदारी, व्यावसायिक भवनों से मिलने वाला किराया, अभिनय, गायन और जनप्रतिनिधि के रूप में मिलने वाले वेतन या पेंशन पर आश्रित हैं।

एक जून को आठ लोकसभा सीटों पर मतदान
तीन जिलों की पांच लोकसभा सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया गत 25 मई को संपन्न हो चुकी है। वाराणसी सहित सात जिलों की आठ लोकसभा सीटों के लिए आगामी शनिवार को मतदाता वोट डालेंगे। 10 जिलों की इन 13 लोकसभा सीटों से चुनाव मैदान में उत्तरे एनडीए, इंडिया गठबंधन और बसपा प्रत्याशियों के पेशे की बात की जाए तो एक प्रत्याशी पूरी तरह से राजनीति पर निर्भर हैं। चार प्रत्याशी प्रोफेशनल हैं। जबकि, सिर्फ खेती के सहारे छह प्रत्याशी अपनी आजीविका चलाते हैं।

कमाई में पत्नियों का भी सहयोग
लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे 19 प्रत्याशियों की पत्नी भी व्यवसाय, किराया, वेतन, खेती और अपनी स्किल के जरिये अपने परिवार के आर्थिक तंत्र को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इनमें वाराणसी से कांग्रेस के अजय राय, चंदौली से भाजपा के डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, सपा के वीरेंद्र सिंह व बसपा के सत्येंद्र, गाजीपुर से सपा के अफजाल अंसारी, जौनपुर से सपा के बाबू सिंह कुशवाहा व बसपा के श्याम सिंह यादव, मछलीशहर (सुरक्षित) से भाजपा के बीपी सरोज, मिर्जापुर से सपा के रमेश चंद बिंद, राबर्ट्सगंज (सुरक्षित) से सपा के छोटेलाल खरवार व बसपा के धनेश्वर, भदोही से भाजपा के डॉ. विनोद कुमार बिंद व इंडी गठबंधन के ललितेश पति त्रिपाठी, घोसी से एनडीए के अरविंद राजभर व सपा के राजीव कुमार राय, लालगंज (सुरक्षित) से सपा के दरोगा प्रसाद सरोज, आजमगढ़ से बसपा के मशहूद अहमद और बलिया से भाजपा के नीरज शेखर व सपा के सनातन पांडेय की पत्नी शामिल हैं।

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