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डॉ.शांति कुमार कैवर्त्य ने छ.ग. विधानसभा के मानसून सत्र में मछुआ आरक्षण सहित दो अन्य मुद्दों पर अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करने जिले के विधायकों सहित मछुआ समाज के एकमात्र विधायक कुंवर सिंह निषाद से भी किया आग्रह
मुख्यमंत्री एवं विधानसभाध्यक्ष को पत्र प्रेषित कर मछुआ आरक्षण की उनकी घोषणा को लागू कराने की मांग रखी: डॉ.शांति कुमार कैवर्त्य ने
छ.ग. विधानसभा के मानसून सत्र में मछुआ आरक्षण सहित दो अन्य मुद्दों पर अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करने जिले के विधायकों सहित मछुआ समाज के एकमात्र विधायक कुंवर सिंह निषाद से भी किया आग्रह
शिवरीनारायण।पिछड़ा वर्ग सलाहकार मंडल छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व सदस्य डॉ.शांति कुमार कैवर्त्य ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत को पत्र प्रेषित कर आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मछुआ समाज के जातियों के लिए आरक्षण विधेयक पारित करा कर यथाशीघ्र आरक्षण लागू कराने की मांग की है।
डॉ.शांति कुमार कैवर्त्य ने अपने इस ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के पूर्व ने अंजोरा (दुर्ग) के मछुआ जन जागरण सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने पर एससी/एसटी आरक्षण की भांति मछुआ समाज को आरक्षण देने की घोषणा की थी। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी और सरकार बनने के पश्चात् मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनवरी 2019 में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन रायपुर एवं गुहा निषादराज जयंती समारोह भोथरी (पाटन) में भी मछुआ आरक्षण की घोषणा की थी।
छ.ग.विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने भी सन 2019 में बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के भटगांव में आयोजित कहरा- कहार प्रांतीय अधिवेशन में भी मछुआ आरक्षण घोषणा की थी। मछुआ समाज के जातियों के आरक्षण हेतु समाज के प्रमुखों ने मुख्यमंत्री को समय-समय पर ज्ञापन व मांग- पत्र सौंपी है। लेकिन आज पर्यंत यह घोषणा अमल में नहीं लाई गई है।
डॉ.कैवर्त्य ने अपने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा - मानसून सत्र में मछुआ समाज के केवट,धीवर, कहरा, मल्लाह, बिंद, कहार-भोई जातियों के लिए आरक्षण का विधेयक पारित कराने के साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की नई मछुआ पालन नीति में मछुआ से तात्पर्य मछुआ समाज की जातियां प्रतिस्थापित करने का विधेयक भी पारित कराए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 के पूर्व माह दिसंबर20 21में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान वहां के मछुआ समाज के लोगों को रेत उत्खनन खदान का अधिकार देने की वकालत की थी। इसी का हवाला देते हुए डॉक्टर कैवर्त्य ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के मछुआ समाज के लोगों के लिए रेत उत्खनन खदान आरक्षित किए जाने का आग्रह किया है।
डॉ. कैवर्त्य ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को प्रेषित पत्र की प्रतिलिपि अपने जिले के विधायक नारायण चंदेल, विधायक जांजगीर-चांपा एवं नेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ शासन, इंदु बंजारे विधायक पामगढ़,सौरभ सिंह विधायक अकलतरा तथा मछुआ समाज के एकमात्र विधायक कुंवर सिंह निषाद को संप्रेषित कर उनसे आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र में छत्तीसगढ़ में निवासरत मछुआ समुदाय के केवट,धीवर, कहरा, मल्लाह, बिंद, कहार-भोई, जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने का अशासकीय संकल्प प्रस्तुत कर विधानसभा में विधेयक पारित कराने,छत्तीसगढ़ शासन की नई मछुआ पालन नीति में मछुआ से तात्पर्य में मछुआ समाज के जातियों को प्रतिस्थापित कराने का अशासकीय संकल्प प्रस्तुत कर विधेयक पारित कराने तथा छत्तीसगढ़ के मछुआ समाज के लोगों के लिए रेत उत्खनन खदान आरक्षित कराने हेतु अशासकीय संकल्प विधानसभा में प्रस्तुत कर पारित कराने का आग्रह किया है।
" राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार मंडल के पूर्व सदस्य डॉ.शांति कुमार कैवर्त्य ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ विधानसभा के सभी विधायकों से भी मछुआ समाज हितार्थ इन तीनों मुद्दों को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में अशासकीय संकल्प प्रस्तुत कर सर्वसम्मति से पारित कराने का आग्रह किया है।
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