सरकार ने ई-रजिस्ट्रीकरण का आदेश लिया वापस*


 

सहजनवा गोरखपुर उत्तर प्रदेश अधिवक्ताओं के सशक्त और एकजुट विरोध के आगे सरकार को झुकना पड़ा। ई-रजिस्ट्रीकरण के निर्णय को वापस लेते हुए सरकार ने अधिवक्ताओं की मांगों को स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय प्रदेश भर के अधिवक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत और नैतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। 
ज्ञात हो कि ई-रजिस्ट्रीकरण व्यवस्था के विरोध में गोरखपुर सहित उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों के अधिवक्ताओं ने 3 जुलाई तक बैनामा लेखन एवं न्यायिक कार्यों से पूर्णत विरत रहने का ऐलान किया था। अधिवक्ता संगठनों का तर्क था कि यह व्यवस्था आम जनता और वकीलों दोनों के हितों के प्रतिकूल है और इससे पंजीकरण प्रक्रिया में जटिलताएं बढ़ेंगी। 
अधिवक्ताओं के इस व्यापक आंदोलन और कार्य बहिष्कार के कारण प्रदेश भर में रजिस्ट्री कार्यालयों व अदालतों का कामकाज प्रभावित हुआ था। लगातार बढ़ते दबाव और अधिवक्ता समुदाय की एकता को देखते हुए सरकार ने अंततः ई-रजिस्ट्रीकरण संबंधी आदेश को वापस लेने का फैसला किया। 
इस निर्णय का अधिवक्ता संगठनों ने स्वागत किया है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसे न्याय और जनहित की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा से जनता की आवाज रहा है और आगे भी जन-सरोकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा। सरकार के इस कदम के बाद अब 3 जुलाई तक घोषित कार्य बहिष्कार को वापस लिए जाने की संभावना है। जल्द ही न्यायिक कार्य एवं बैनामा लेखन की प्रक्रिया पुनः सुचारु रूप से शुरू हो जाएगी, जिससे आम जनमानस को बड़ी राहत मिलेगी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी, मंत्री राघवेंद्र त्रिपाठी, पूर्व मंत्री अनिल त्रिपाठी, अभिषेक मणि त्रिपाठी, यशवंत बुद्धि सागर यादव अजय चौबे अश्वनी चौबे ने कहा ई- रजिस्ट्रीकरण संबंधी आदेश सरकार को वापस लेने से जनता को बहुत राहत मिली है।

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