महीनों से बिछड़े  दम्पति एक दूसरे के साथ खुश नजर आये   


महिला थाना द्वारा जून माह में कुल 23 परिवारों को जोड़नें का किया गया सार्थक प्रयास

      महीनों से बिछड़े  दम्पति एक दूसरे के साथ खुश नजर आये 
 
     अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह के कुशल निर्देशन में महिला थाना में परिवारिक विवादों की प्राप्त शिकायतों की सुनवाई की गई। जिसमें आपसी वैचारिक मतभेद की वजह से परिवार टूटने के कगार पर था, परन्तु महिला थाना के अधिकारी/कर्मचारीगणों द्वारा दोनों पक्षों की बातो को विधिवत सुना गया तथा पति-पत्नी के मध्य आपसी मनमुटाव व कलह के कारणों को दूर किया गया। इस कार्यवाही से 01 परिवार को बिछड़ने से बचाया गया तथा हंसी-खुशी महिला थाना से विदा किया गया।
          आपको बता दें कि महिला थाना में प्रतिदिन परिवारिक विवादों की प्राप्त शिकायतों को अधिकारी/कर्मचारीगण  द्वारा  बिछड़े परिवारों को पुनः जोड़ने का कार्य किया जाता है। महिला थानें पर बहुत सी ऐसी शिकायतें पर प्राप्त होती है, जो पति-पत्नी में घरेलू कलह होने कारण मुकदमें, पति एवं अन्य ससुरालीजनों के विरूद्ध दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा आदि से संबन्धित होती हैं। परिवारों में दरारें न पड़े इसीलिए महिला थाना  प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार शर्मा ,उ0नि0 जितेन्द्र सिंह , उ0नि0 मो0 सईद ,उ0नि0 अमरनाथ चौहान ,उ0नि0 हौसली देवी आदि अधि0/कर्मचारी गणों के अथक प्रयास से  मई माह में कुल 23 परिवारों को जोड़नें का सार्थक प्रयास किया गया तथा पुनः 01 जोड़ों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर समझौता कराकर घर भेज गया। महीनों से बिछड़े पति-पत्नी एक-दूसरे को मिष्ठान खिलाकर, साथ खुश नजर आए।  जिन पति- पत्नी की विदाई करायी गयी, उनका समय –समय पर कुशल क्षेम जरिए दूरभाष पूछा जायेगा , जिससे सुलह की स्थिति से अवगत करा सकें।

सुलह समझौता विवरण- 
1. वादी- मनीष कुमार पुत्र माता प्रसाद निवासी खरगौरा मोड़ थाना कोतवाली भिनगा जनपद श्रावस्ती ।
    प्रतिवादी- पूजा देवी पुत्री जगराम निवासी चेतिया मुरार थाना गिलौला जनपद श्रावस्ती। ।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।