Bhanu Pratap Dixit Shayari


ख़ुशी जल्दी में थी रुकी नहीं,
ग़म फुरसत में थे - ठहर गए...!
"लोगों की नज़रों में फर्क अब भी नहीं है ....
पहले मुड़ कर देखते थे ....
अब देख कर मुड़ जाते हैं
आज परछाई से पूछ ही लिया 
क्यों चलती हो , मेरे साथ
उसने भी हँसके कहा-
दूसरा कौन है तेरे साथ

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Bhanu Pratap Dixit

अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

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