15 दिनों से विस्थापित बैठे धरने पर R&R की बैठक में नहीं हुआ निराकरण


15 दिनों से विस्थापित बैठे धरने पर R&R की बैठक में नहीं हुआ निराकरण

 दिनांक 16/11/2022 को कलेक्टर सभागार में आरएनआर की बैठक हुई लेकिन हर बार की तरह इस बार भी बैठक में सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ खास नहीं। वाहवाही के चक्कर में जनप्रतिनिधि आते हैं आरएनआर बैठक में परंतु दिन प्रतिदिन विस्थापितों का हौसला अत्यंत बुलंद होते जा रहा है विस्थापित परिवार अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं

                     
  सुलियारी बेलवार कोल माइंस में विस्थापित हुए 9 गांव के लोगों को विस्थापन का लाभ नहीं मिल पा रहा है जिसको लेकर 9 गांव के लोग 15 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन कंपनी व प्रशासन की अड़ियल रवैए को लेकर विस्थापितों को लाभ नहीं मिल पा रहा है जिसको लेकर विस्थापित कंपनी का डिस्पैच बंद कर हड़ताल पर बैठे हडताल में बैठे विस्थापितों को 15 दिन बीत गया लेकिन कंपनी प्रबंधन और प्रशासन द्वारा अभी तक कोई पहल नहीं किया गया विस्थापितों का कहना है कि जब तक समस्त मांगे पुरा नहीं किया जाता तब तक ना ही खदान चलेगा न हीं विष्ठापन होगा विस्थापितों ने आरोप लगाया है। कि एपीएमडीसी और अदानी कंपनी विस्थापितों का शोषण कर रही है बिना विस्थापन और बिना मुआवजा दिए बगैर ही खदान चालू कर अपना काम कर रही हैं विस्थापितो की मांग हैं कि सभी विस्थापित परिवार को APMDC  कंपनी में एप्लाई के भाती स्थाई नौकरी दी जाए। शत प्रतिशत विस्थापितों का मुआवजा भुगतान किया जाए, तथा S9 मुआवजा अवार्ड में शामिल कर भुगतान आज दिनांक तक का ब्याज जोड़ कर दिया जाए। R&R कॉलोनी में स्कूल, हॉस्पिटल, बिजली, पानी, प्लेग्राउंड, मैरिज हॉल, एवं सर्व सुविधा उपलब्ध होने के बाद ही विस्थापन किया जाए। वही आगे बताया कि अभी तक सुलियरी कोल माइंस में   प्रभावित ग्रामीणों   में से लगभग 30% परिवार विष्ठापित कार्ड से वंचित हैं उनको विस्थापित सूची में  जोड़ा जाए। सभी विस्थापितों का पिछले 10 महीने का एरियर भत्ता एवं पेंशन दिया जाए। सभी विस्थापितों का आज की कृषि मजदूरी दर से बेरोजगारी भत्ता 7000 से  बढ़ाकर 10300दिया जाए। ग्राम डोंगरी से खनुआ रोड सिंगल होने से दुर्घटना होती रहती है कंपनी के द्वारा स्वयं का रोड या कन्वेयर निर्माण नहीं कराया जाता तब तक ग्रामीण रोड में कोल परिवहन बंद किया जाए। अदानी कलस्टर हेड को हटाने के लिए विस्थापितों ने रोज दिन नारा लगाया जा रहा हैं वही विस्थापितों ने बच्चा प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चा प्रसाद को आने से सुलियरी कोल माइंस का मुआवजा नहीं मिल पा रहा और बाहर के लोगों का मुआवजा बच्चा प्रसाद द्वारा दिलाया जा रहा है। वहीं आगे विस्थापितों से बातचीत के दौरान कहा कि बच्चा प्रसाद को अगर सुलियरी कोल  परियोजना से हटाया नहीं जाता तो विस्थापित और सख्ती से करेंगे आंदोलन।


जनप्रतिनिधियों का भी होगा खुलकर विरोध सांसद व विधायक सोशल मीडिया एवं पेपर में ही कर रहे हैं विस्थापितों का समर्थन परंतु इनके हवा-हवाई समर्थन को विस्थापित परिवार बखूबी समझ रहा आने वाले समय में पूरे 9 गांव के लोग इनका भी करेंगे विरोध।

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