गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में वन माफिया के हौसले बुलंद धड़ल्ले से कर रहे हरे-भरे पेड़ों की कटाई, जानकर,अनजान बना उद्यान विभाग परिक्षेत्र महुली 


बिहारपुर

सुरेश विश्वकर्मा

गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में वन माफिया के हौसले बुलंद धड़ल्ले से कर रहे हरे-भरे पेड़ों की कटाई, जानकर,अनजान बना उद्यान विभाग परिक्षेत्र महुली 

छत्तीसगढ़ की भुपेश बघेल सरकार भले ही हर घर हरियाली जैसी योजनाओं पर करोड़ों खर्च कर क्षेत्र को हरा-भरा करने का प्रयास कर रही हो, लेकिन गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान परिक्षेत्र महुली में उद्यान विभाग के बेलगाम कर्मचारी और अधिकारियों के चलते ये योजनाएं सफल होना तो दूर यहां लगे हुए हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़-पौधे भी इनकी मिलीभगत से उद्यान माफियाओं द्वारा धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं, जिससे सुरजपुर जिले में हरियाली की बात करना बेमानी साबित हो रहा है

ताजा मामला सुरजपुर जिले तहसील ओड़गी क्षेत्र के ग्राम बैजनपाठ,खोहिर,रसौकी,जुड़वनिया,कोल्हआ का है। यहां उद्यान माफियाओं प्रतिबंधित साल बीजा  के पेड़ों को काट डाला और जिम्मेदार सिर्फ देखते ही रहे। दरअसल, यहां जिन्हें वन की रखवाली का जिम्मा सौंपा गया है । वही हरियाली के दुश्मन बन गए हैं। और वह जिला मुख्यालय से ही हमेशा ड्यूटी करते हैं, उद्यान विभाग की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है, जिससे क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रतिबंधित पेड़ों की कटान की जा रही है। और वही मोटरसाइकिल,साइकिल व कंधा के सहारे उद्यान के बैरियर के ही रास्ते मध्य प्रदेश में खुलेआम बिक्री किया जा रहा है यह सभी जानकारी विभाग को भी है लेकिन विभाग की मिलीभगत होने के कारण तस्करों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। वही कुछ दिन पहले एक छोटी सी कार्यवाही में यह भी पता चला की तस्करों ने खुले आम गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय महुली में पूर्व में रहे रेंजर के ऊपर यह भी आरोप लगाया की हमारे द्वारा 10 से 15000 प्रति महीना उद्यान के अधिकारी कर्मचारी को पैसा दिया जाता है और इसी के ऐवज में हम शाम होते ही इमरती लड़कियों को तस्करी कर मध्य प्रदेश में बड़ी कीमत में बिक्री भी करते हैं। उद्यान कर्मी ने जंगल को किते तस्कर के हवाले तस्कर साल,बीजा सहित अन्य पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर सिल्ली बना रहे हैं और लोग विभाग के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है, ताकि क्षेत्र में हरियाली बच सके। बता दें क्षेत्र भर में वनमाफिया लगातार हरे भरे पेड़ों की कटान करते हैं और जिम्मेदारी अधिकारी इन वन माफियाओं पर नकेल कसने की बजाए इन को नजरअंदाज करते हैं, जिससे इनके हौसले बुलंद होते हैं और ये वनमाफ़िया बेखौफ धड़ल्ले से दिन प्रतिदिन हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं।

इसके बारे में गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान पार्क परिक्षेत्र महुली के रेंजर ललित साय पैकरा से फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उसके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया

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