यूपी में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी तेज


 उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) इस वर्ष नवंबर-दिसंबर में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव (UP Nagar Nikay Chunav) की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार भी नगर निगम के चुनाव ईवीएम (EVM) के जरिए होंगे। नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। आयोग ने केरल, राजस्थान सहित नौ राज्यों से करीब 50 हजार ईवीएम मंगाई हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के सम्मुख 20 अक्टूबर से जिलों में इनकी फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू हो जाएगी।

नगर निगमों में ईवीएम से होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग इस बार भी सभी 17 नगर निगमों में ईवीएम से चुनाव कराएगा। इनमें लखनऊ, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, मथुरा-वृंदावन, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, शाहजहांपुर, बरेली, गोरखपुर व अयोध्या नगर निगम शामिल हैं। इनके लिए तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, उड़ीसा, राजस्थान, बिहार, असम व झारखंड से 49,800 कंट्रोल यूनिट व 92 हजार बैलेट यूनिट मंगाई गईं हैं।

30 प्रतिशत ईवीएम अधिक मंगाई

कई राज्यों से ईवीएम आ चुकी हैं जबकि कुछ राज्याें से आ रही हैं। आयोग ने 30 प्रतिशत ईवीएम अधिक मंगाई हैं। वर्ष 2017 में 16 नगर निगम थे, इनके चुनाव में 26 हजार कंट्रोल यूनिट व 50 हजार बैलेट यूनिट इस्तेमाल की गईं थीं। शाहजहांपुर नगर निगम बाद में बना है इसलिए इस बार कुल 17 नगर निगमों में चुनाव कराया जाएगा। आयोग ने 20 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच तक ईवीएम की जांच का काम खत्म करने का लक्ष्य बनाया है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान

इसके साथ ही निर्वाचन आयोग 20 अक्टूबर के आस-पास मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि यह अभियान तभी शुरू हो पाएगा जब सरकार से परिसीमन के बाद वार्डों की सूची मिल जाएगी। अभी सरकार को सात-आठ नगरीय निकायों का सीमा विस्तार और करना है, इस कारण परिसीमन में भी विलंब हो रहा है।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।