रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था
रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था
शिया समुदाय द्वारा इमाम बारगाह मरहूम मीर नाजिम हुसैन साहब में एक मजलिस का आयोजन
अब तक टीवी न्यूज़ चैनल उतरौला बलरामपुर उतरौला शिया समुदाय द्वारा इमाम बारगाह मरहूम मीर नाजिम हुसैन साहब में एक मजलिस का आयोजन किया गया यह मजलिस अंजुमन गुलजार ए हुसैनी के आश्रय की अलविदाई मजलिस रही जिसकी किताबत मौलाना मोहम्मद अली साहब ने किया मजलिस के फौरन बाद चुप्पी ताजिया का जुलूस निकाला गया जो इमामबारगाह नाजिम हुसैन से होते हुए नगर से बस अड्डे पर जा पहुंचा जहां पर अंजुमन कमरे बनी हाशमी की मात मदारो ने अलविदाई नोहे पर जमकर मातम किया जुलूस अपने तै रूप से होता हुआ कस्बा चौकी उतरौला के मार्ग से होते हुए बड़ी मस्जिद होते हुए ज्वाला मां महारानी मंदिर होते हुए वह गोडा मोड़ होते हुए कर्बला जा पहुंचा वहां पर लोगों ने इमाम हुसैन की याद में आ गीत के साथ फुरसा पेश किया यह जुलूस और आश्रय का आयोजन कई वर्षों पहले स्वर्गीय अली तकी उर्फ लल्लन हुसैन द्वारा किया गया था उसके बाद उनके पुत्रों द्वारा वारिस रिजवान गुलजार हुसैन वारिस फरमान द्वारा किया जा रहा है जलूस के अंत में अंजुमन गुलजार हुसैनी हनुमान गुलजार हुसैन वारिस रिजवान सूजा द्वारा कुछ पुरस्कार तब रुक के तौर पर लोगों को दिए गए जिसको मौलाना सिब्ते हैदर साहब डॉक्टर निहाल साहब ऐमन साहब ने लोगों तक पहुंचाए जलूस में शिया समुदाय के लोग मौजूद रहे पुलिस प्रशासन की चौकसी बनी रही प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह कस्बा चौकी इंचार्ज गुरसेन सिंह गांधी नगर चौकी इंचार्ज राजीव कुमार मिश्रा दिवान जमशेर खां व आदि पुलिस बल तैनात रहे रिपोर्टर उमानन्द गुप्ता अब तक टीवी न्यूज़ चैनल उतरौला बलरामपुर
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नव रात्रि की शुभ संध्या के अवसर पर मां दुर्गा के भक्तों के द्वारा निकाली गई शोभा यात्रा।
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