रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था
रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था
रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था
आज विजयादशमी है। राम ने रावण को मारकर धरती को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था। रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था। जिस तरह हम भगवान राम के जीवन की घटनाओं से सीखते हैं कि हमें अपनी जिंदगी में क्या करना चाहिेए, वैसे ही रावण का जीवन सिखाता है कि हमें क्या-क्या नहीं करना चाहिए।
तो आज दशानन रावण के जीवन की 5 कहानियों से सीखें कि क्या गलतियां हमें नहीं करनी चाहिए।
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रावण अधर्म का प्रतीक था, पापी था, लेकिन ज्ञानी भी था
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