रामराज्य की प्रेरणा से ही समाज में स्थापित हो सकती है शांति और सद्भावना : आरके वाजपेयी विरल
सीता ग्रुप ऑफ एजुकेशन में हर्षोल्लास से मनाया गया दीपावली उत्सव, विद्यार्थियों ने भावनृत्य से जीवंत की राम के अयोध्या लौटने की गाथा
महमूदाबाद, सीतापुर।
अधर्म पर धर्म की विजय, असत्य पर सत्य की जीत और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाने वाला दीपावली पर्व केवल रोशनी और उल्लास का त्योहार नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज को सत्य, मर्यादा, त्याग, प्रेम, एकता और सद्भावना का संदेश देने वाला प्रेरणापर्व है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए सीता ग्रुप ऑफ एजुकेशन में शनिवार को भव्य दीपावली उत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीता ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन आरके वाजपेयी विरल ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए दीपावली पर्व की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्ता को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन आरके वाजपेयी विरल ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटना और उनके स्वागत में दीप जलाकर खुशियां मनाना पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, खुशहाली और आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए रामराज्य एक आदर्श उदाहरण है। रामराज्य हमें जाति-पांति, ऊंच-नीच तथा अमीर-गरीब के भेदभाव को भुलाकर एक-दूसरे के साथ प्रेम, भाईचारे और एकता से रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेकर सत्य, अनुशासन, मर्यादा, कर्तव्य और परोपकार के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीपावली का वास्तविक उद्देश्य केवल घरों को दीपों से रोशन करना नहीं, बल्कि अपने भीतर के अज्ञान, अहंकार, द्वेष और नकारात्मकता के अंधकार को दूर कर ज्ञान, सद्भाव और मानवता का प्रकाश फैलाना है।
उत्सव के दौरान अयोध्यापुरी की भव्य झांकी के रूप में सजाए गए राम दरबार ने सभी का मन मोह लिया। प्रधानाचार्य अनन्त रत्नम, उप प्रधानाचार्य नीरज वर्मा, अंजली वर्मा एवं अवनीश अवस्थी ने राम दरबार की आरती उतारी। वातावरण भक्तिमय एवं उत्सवपूर्ण हो उठा।
विद्यार्थियों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम द्वारा रावण सहित अन्य राक्षसों का वध कर लंका पर विजय प्राप्त करने तथा 14 वर्ष का वनवास पूर्ण करने के बाद अयोध्या लौटने के प्रसंग को भावनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। अयोध्यावासियों की भूमिका में विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी को अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने के लिए भी जागरूक किया गया। उन्हें आतिशबाजी का प्रयोग न करने तथा दीपावली के प्रकाश पर्व को सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि पर्व की खुशियां ऐसी हों, जिनसे किसी व्यक्ति, पशु-पक्षी या पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
दीपावली उत्सव के माध्यम से सीता ग्रुप ऑफ एजुकेशन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा, मर्यादा, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया। कार्यक्रम का वातावरण पूरे समय उत्साह, भक्ति, सांस्कृतिक रंग और दीपावली की उमंग से सराबोर रहा।
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