दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत और सार्वजनिक सेवाओं में बाधा की शिकायतों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने वाले लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लेने पर जोर दिया। अदालत ने इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के संबंध में भी निर्देश दिए। इस घटनाक्रम ने शांतिपूर्ण विरोध, कानून-व्यवस्था और नागरिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन पर बहस को फिर चर्चा में ला दिया।

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