इटौंजा के हरदा में मुख्यमंत्री जी ने मंच से घोषणा की सरकार ने तत्काल बांध परियोजना के सर्वे के लिए संबंधित अधिकारियों


*गोमती माता का संघर्ष हुआ विजय - एक दशक की तपस्या रंग लाई, गोमती को मिलेगा जीवन - भारत के रक्षामंत्री माननीय श्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी को बीकेटी लखनऊ की जनता का सलाम*

 

*क्रांतिकारी दीपक शुक्ला उर्फ तिरंगा महाराज का एक दशक का संघर्ष और गोमती माता की पुकार जनता को मिलेगी राहत*

*लखनऊ।* 5 अक्टूबर 

 उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बाढ़ के समय में प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद बाढ़ के समय बीकेटी के गावों में पानी में घिरे गांवों के बीच पहुंचे हों। आज तक के इतिहास में इटौंजा के लासा गांव में कोई मुख्यमंत्री नहीं आया था। *माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज* पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो गोमती की बाढ़ में डूबे *हरदा लासा अकड़रिया* में जनता के बीच पहुंचे और उनका दर्द सुना। यह केवल एक दौरा नहीं, यह बीकेटी के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।

और इस स्वर्णिम अध्याय के पीछे है गोमती माता की कृपा है 

*कौन हैं तिरंगा महाराज और क्या है उनका संघर्ष?*

तिरंगा महाराज पिछले *एक दशक से ज्यादा समय से गोमती नदी और किसानों के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं उनका कहना था "गोमती सिर्फ नदी नहीं, हमारी संस्कृति है। उसके तटों पर कब्जा हो गया है, इसीलिए बाढ़ आ रही है।"*

इस लड़ाई के लिए उन्होंने गोमती दर्शन संस्था के साथ माधव टांडा - गोमती उद्गम ताल (पीलीभीत) से लेकर लखनऊ तक सैकड़ों किलोमीटर की वाहन एवं पदयात्रा की थी माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी। हाथ में तिरंगा, माथे पर गोमती के लिए न्याय का संकल्प। उस यात्रा का उद्देश्य एक ही था - सरकार को बताना कि गोमती के उद्गम से लेकर लखनऊ तक तटों पर अवैध कब्जा हटाया जाए और स्थायी बांध बनाया जाए।

*सुल्तानपुर, बहादुरपुर, राजापुर, लासा, जमखानवा, लासा, अकड़रिया दुघराआदि- इन गांवों के किसानों की आवाज*

बीकेटी का किसान पिछले 15 साल से बाढ़ से बर्बाद हो रहा था। हर साल फसल डूब जाती थी। तिरंगा महाराज इन्हीं गांवों में घूम-घूम कर किसानों की आवाज बनते रहे।

उन्होंने मांग रखी थी -

1.  गोमती उद्गम स्थल माधव टांडा ताल का जीर्णोद्धार हो।

2.  गोमती के दोनों तटों पर हुए अवैध कब्जे हटाए जाएं।

3.  *फैजुल्लागंज से नैमिषारण्य तक के स्थायी तटबंध का निर्माण हो।*

4.  गोमती की सांस्कृतिक धरोहर को बचाने के लिए एक *संस्कृति कॉरिडोर* बने।

लासा देवी मंदिर के पास गोमती माता का भव्य मंदिर बने 

इसी मांग को लेकर उन्होंने अनगिनत धरने, ज्ञापन, पदयात्राएं कीं। लोग हंसते थे, कहते थे - "अकेला आदमी क्या करेगा?" लेकिन आज वही मांग सरकार ने सुनी है।

*आज क्या हुआ - रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जी का विशेष आशीर्वाद*

इस जीत में सबसे बड़ा योगदान है लखनऊ के अभिभावक, भारत के यशस्वी रक्षामंत्री *माननीय श्री राजनाथ सिंह जी* का।

जैसे ही लखनऊ और ग्रामीण क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसा, रक्षामंत्री जी ने दिल्ली से ही माननीय मुख्यमंत्री जी से फोन पर वार्ता की और गोमती माता के जीर्णोद्धार और किसानों की समस्याओं पर ठोस निर्णय लिया गया मुख्यमंत्री योगी जी से फोन पर वार्ता कर कहा - "लखनऊ के नागरिक मेरे परिवार हैं, इन्हें हर संभव मदद मिलनी चाहिए लगभग 182 करोड़ के तात्कालिक बांध और समग्र गोमती संस्कृति और बाढ़ सुरक्षा परियोजना पर विस्तृत चर्चा की।*

*182 करोड़ की महा-परियोजना क्या है?*

 यह परियोजना केवल बांध नहीं है। यह गोमती माता की मुक्ति की परियोजना है फैजुल्लागंज से बीकेटी नैमिष तक गोमती नदी के दोनों किनारों पर मजबूत तटबंध तटों पर बसे गांवों के लिए रोड और ड्रेनेज गोमती उद्गम ताल माधव टांडा का सौंदर्यीकरण घाटों का निर्माण और अवैध कब्जों से मुक्ति

*माननीय मुख्यमंत्री जी ने क्या कहा हरदा में?*

आज इटौंजा के हरदा में मुख्यमंत्री जी ने मंच से घोषणा की सरकार ने तत्काल बांध परियोजना के सर्वे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है

माननीय मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय से उन हजारों किसानों की जीत है जो हर साल बाढ़ में सब कुछ खो देते थे। यह आम जनमानस की जीत है। गोमती माता की जीत है।

*विशेष धन्यवाद - रक्षामंत्री जी को*

लखनऊ के सुख-दुख में साथ - यही है माननीय रक्षा मंत्री माननीय श्री राजनाथ सिंह जी का संकल्प। बीकेटी की जनता की ओर से रक्षामंत्री जी का हृदय से विशेष धन्यवाद। आपने साबित किया कि लखनऊ आपके लिए केवल संसदीय क्षेत्र नहीं, परिवार है।

आज इतिहास लिखा गया है। एक संत मुख्यमंत्री बाढ़ के पानी में जनता के बीच आया है, और एक फकीर जैसे तिरंगा महाराज की 10 साल की तपस्या सफल हुई है। गोमती माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद प्रणाम 

*- क्रांतिकारी दीपक शुक्ला उर्फ तिरंगा महाराज*

*संयोजक - गोमती बचाओ आंदोलन*

8853748648

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Bhanu Pratap Dixit

अब तक टीवी न्यूज़ चैनल

भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

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