जौनपुर/ मड़ियाहूं भारतीय जनता पार्टी मछलीशहर के जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह एवं जिला प्रभारी श्री दिनेश मौर्या ने मड़ियाहूं स्थित स्व.


संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस अपने राजनीतिक आरोपों के तथ्य जनता के सामने रखे : डॉ. अजय कुमार सिंह

जौनपुर/ मड़ियाहूं 

 

भारतीय जनता पार्टी मछलीशहर के जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह एवं जिला प्रभारी श्री दिनेश मौर्या ने मड़ियाहूं स्थित स्व. दूधनाथ सिंह पीजी कॉलेज में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस एवं विपक्ष द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया तथा संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस द्वारा चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को तथ्य एवं प्रमाण के साथ जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है तथा राजनीतिक दलों को अपनी असहमति संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से व्यक्त करनी चाहिए। निर्वाचन आयोग स्वयं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत संस्था है।

डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा समय-समय पर ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर प्रश्न उठाए गए हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से ईवीएम/वीवीपैट की कार्यप्रणाली, जांच तथा चुनाव से पहले की तकनीकी प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की गई है। आयोग के अनुसार प्रत्येक चुनाव से पहले ईवीएम एवं वीवीपैट की जांच और कार्यक्षमता परीक्षण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। 

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी निर्वाचन प्रक्रिया और मतदान प्रतिशत को लेकर उठाए गए सवालों पर निर्वाचन आयोग ने अपना पक्ष सार्वजनिक किया था। इसलिए किसी भी राजनीतिक आरोप का मूल्यांकन उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड और प्रमाणों के आधार पर किया जाना चाहिए। 

जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा ईवीएम को लेकर व्यक्त की गई शंकाओं तथा चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गए प्रश्नों को भी तथ्यों के आधार पर जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर आरोप लगाने के लिए ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है।

उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े पूर्व न्यायिक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राफेल मामले में 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष दिए गए बयानों को लेकर अवमानना की कार्यवाही हुई थी और बाद में राहुल गांधी की ओर से खेद व्यक्त किया गया था। जिलाध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक विमर्श में न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में बयान देते समय तथ्यों और न्यायालय के रिकॉर्ड का ध्यान रखा जाना चाहिए।

डॉ. सिंह ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी विपक्ष की ओर से सैन्य कार्रवाई के प्रमाण और उससे जुड़े प्रश्न सार्वजनिक रूप से उठाए गए थे। उनके अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बहस हो सकती है, लेकिन सेना के आधिकारिक दावों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक विमर्श में जिम्मेदारी और तथ्यपरकता आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाता है। निर्वाचन आयोग का आधिकारिक मॉडल कोड भी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से अप्रमाणित आरोपों एवं विकृत तथ्यों से बचने की अपेक्षा करता है। 

आगे उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता अंतिम निर्णायक है। राजनीतिक दलों को जनता के बीच अपने कार्यक्रम, नीतियां और उपलब्धियां लेकर जाना चाहिए तथा संवैधानिक संस्थाओं के संबंध में उठाए गए प्रश्नों को प्रमाण और आधिकारिक तथ्यों के साथ रखना चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व विधायक  सुषमा पटेल,  स्कन्द पटेल,  चंद्रप्रकाश सिंह, राजेश जायसवाल, चंदन केसरी,

शिव शंकर गुप्ता,रोहित जायसवाल , विनोद जायसवाल,छोटेलाल जायसवाल नितेश सेठ, राजेश केसरी ,अरविंद चौरसिया, , विजय मौर्य, राजकुमार सिंह, सुधांशु श्रीवास्तव,सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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Bhanu Pratap Dixit

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भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

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