गीडा द्वारा कृषि और आवासीय भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का हल्ला बोल मंडला आयुक्त ज्ञापन सौंपते हुए प्रधानमंत्री से लगाई न्याय की गुहार


  • गीडा द्वारा कृषि और आवासीय भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का हल्ला बोल
  • मंडला आयुक्त ज्ञापन  सौंपते हुए प्रधानमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
  • सहजनवां, गोरखपुर, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) द्वारा कृषि योग्य और आवासीय भूमि के अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सहजनवां तहसील क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने अपनी जमीन को अधिग्रहण से मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है।किसानों का कहना है कि गीडा द्वारा औद्योगिक विकास के नाम पर उनकी वर्षों से जोती-बोई जा रही उपजाऊ कृषि भूमि तथा आबादी वाली आवासीय भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पहले से ही सिंचाई के अभाव और अन्य कारणों से फसलों को नुकसान झेलना पड़ रहा है, ऐसे में यदि उनकी एकमात्र जीविका का साधन छीन लिया गया तो उनके सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
    प्रभावित किसानों ने बताया कि अपनी भूमि अधिग्रहण से बचाने के लिए हजारों किसानों ने सामूहिक रूप से औद्योगिक विकास प्राधिकरण को आग्रह पत्र सौंपा था, लेकिन आज तक उनकी मांगों पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई।
    किसानों का आरोप है कि बिना उचित सहमति और न्यायसंगत मुआवजे के गलत तरीके से उनकी जमीन ली जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर गरीब किसानों को उजाड़ना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं है। सभी किसान एकजुट होकर अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी कृषि योग्य और आवासीय भूमि को तत्काल प्रभाव से अधिग्रहण प्रक्रिया से मुक्त किया जाए और उन्हें उनकी पैतृक भूमि पर ही रहने दिया जाए।
    इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील कुमार, दूधनाथ प्रजापति, तेरस शंकर प्रजापति, ब्रह्मदेव सिंह, राम स्वागत पाल, राम प्रसाद, उमेश चंद्र पाल, शिवदयाल, विजय शंकर शर्मा, रामबचन पाल, उदय प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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