बद्दो पर अभी तक 2.5 लाख रुपए का इनाम था। ​DGP मुख्यालय से बदन सिंह बद्दो पर इनामी राशि बढ़ाने का प्रपोजल गृह विभाग भेजा गया था


कुख्यात बदमाश बदन सिंह बद्दो अब 5 लाख रुपए का इनामी है। बद्दो पर अभी तक 2.5 लाख रुपए का इनाम था। ​DGP मुख्यालय से बदन सिंह बद्दो पर इनामी राशि बढ़ाने का प्रपोजल गृह विभाग भेजा गया था। जिसे गृह विभाग ने मंजूर कर लिया। मेरठ के टीपीनगर का रहने वाला बदन सिंह बद्दो 4 साल से फरार है।

वह 28 मार्च, 2019 को मेरठ में पुलिसकर्मियों को शराब पिलाकर फरार हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बद्दो ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के देशों में पनाह लिए हुए है। उसकी 10 करोड़ से अधिक की संपत्तियों को पुलिस अब तक जब्त कर चुकी है। उसके खिलाफ जल्द रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी है।

बदन सिंह बद्दो 7 भाई-बहनों में सबसे छोटा था। वो सिर्फ 8वीं तक पढ़ा हुआ है।

बदन सिंह बद्दो 7 भाई-बहनों में सबसे छोटा था। वो सिर्फ 8वीं तक पढ़ा हुआ है।

जालंधर से आकर मेरठ में बस गया परिवार
1970 में बदन सिंह बद्दो के पिता चरण सिंह जालंधर से मेरठ के पंजाबीपुरा में आकर बस गए। ट्रक चलाकर सात बेटे-बेटियों की जरूरतों को पूरा कर रहे थे। बदन सिंह सबसे छोटा था। 8वीं क्लास के बाद स्कूल जाने की जरूरत नहीं समझी। पिता के साथ कभी-कभी ट्रक चलाने चला जाता, लेकिन यहां भी मन नहीं लगा।

बदन सिंह मोहल्ले के छोटे बदमाशों के जरिए पश्चिमी UP के सबसे बड़े बदमाश सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर से मिल गया। यहां उसका मन लग गया। इलाके में दबदबा स्थापित करने के लिए मारपीट करने लगा। पैसे की जरूरत लगी, तो शराब के धंधे में उतर आया। हरियाणा और दिल्ली बॉर्डर होने के कारण उसने शराब तस्करी से खूब पैसा कमाया।

बदन सिंह बद्दो की लाइफ स्टाइल लग्जरी हो गई थी। उसने विदेशी कुत्ते और बिल्लियां पाल रखी थीं।

बदन सिंह बद्दो की लाइफ स्टाइल लग्जरी हो गई थी। उसने विदेशी कुत्ते और बिल्लियां पाल रखी थीं।

1988 में सरेआम हत्या कर दी


साल 1988 में बदन सिंह बद्दो ने पहली हत्या की। उसने मेरठ के गुदरी बाजार कोतवाली इलाके में राजकुमार नाम के व्यक्ति की दिनदहाड़े हत्या कर दी। यहां से उसका नाम मेरठ से निकलकर हापुड़, गाजियाबाद और बागपत तक पहुंच गया। बदमाशों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि बदन सिंह नाम का नया गैंगस्टर आ गया है, जिसे न सुनना पसंद नहीं है।

1996 में वकील को मार दी गोली
बदन सिंह ने शराब से खूब पैसा कमा लिया। लाइफ स्टाइल बदल गई। लोग बताते हैं कि उसे टोका-टाकी पसंद नहीं थी, वकील रवींद्र गुर्जर बद्दो के काम में अड़ंगा लगा रहे थे। बद्दो को ये बर्दाश्त नहीं हुआ और रवींद्र गुर्जर की सरेआम हत्या करके फरार हो गया। पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच शुरू की।

सफेदपोश नेताओं और अधिकारियों का हो गया खास
साल 2000 के बाद से बदन सिंह नेताओं को मोटी फंडिंग करने वाला बन गया था। यही कारण है कि उसके धंधों पर हाथ डालने से अधिकारी पीछे हटने लगे। बदन सिंह एकदम लग्जरी लाइफ जीने लगा। आंखों पर लाखों के चश्मे लगाता। हाथों में रैडो और रोलैक्स की घड़ियां पहनता। घर से निकलता तो बुलेट प्रूफ BMW और मर्सिडीज कार से ही चलता। विदेशी हथियारों से लैस बॉडीगार्ड और बाउंसर हमेशा उसके पीछे खड़े रहते।

पिता के साथ ट्रक चलाने वाला बदन सिंह शराब का कारोबार करने के बाद लग्जरी लाइफ जीने लगा था। उसकी यह फोटो सोशल मीडिया से मिली है।

पिता के साथ ट्रक चलाने वाला बदन सिंह शराब का कारोबार करने के बाद लग्जरी लाइफ जीने लगा था। 

क्राइम का ग्राफ बढ़ता गया


बदन सिंह अपराध पर अपराध करते हुए आगे बढ़ रहा था। 2011 में उसने मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की गोली मारकर हत्या कर दी। साल 2012, में उसने केबल नेटवर्क के संचालक पवित्र मैत्रे की हत्या कर दी। इन हत्याओं के अलावा बदन सिंह के खिलाफ दिल्ली और पंजाब में किडनैपिंग, जमीन कब्जाने के कई केस दर्ज हुए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर इस वक्त तक 34 केस दर्ज हैं।

अरे बद्दो तुम यहां थाने में

2012 में बद्दो को पुलिस ने धमकी देने के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। लालकुर्ती थाने ले गए तो थानेदार से लेकर SSP तक हैरान रह गए। थानेदार के मुंह से एकाएक निकल आया, "अरे बद्दो तुम यहां कैसे?" बद्दो देखा और मुस्कुरा दिया। बद्दो थाने में बैठा था और बाहर कई बड़े कारोबारी पहुंच आए। अगले दिन बद्दो को कचहरी लाया गया तो वहां भी सारे बड़े कारोबारी उसके पीछे चल रहे थे।

रवींद्र हत्याकांड में गौतमबुद्धनगर की कोर्ट ने बदन सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई।

रवींद्र हत्याकांड में गौतमबुद्धनगर की कोर्ट ने बदन सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई।

रवींद्र हत्याकांड में उम्रकैद की सजा
31 अक्टूबर 2017 को रवींद्र गुर्जर हत्याकांड में गौतमबुद्धनगर की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 9 गवाहों की गवाही के बाद बदन सिंह बद्दो को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा के ऐलान होते ही बदन सिंह रो पड़ा। इस सजा के 18 दिन पहले, यानी 13 अक्टूबर को बदन सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी। उसमें लिखा था, "जब गिला शिकवा अपनों से हो तो खामोशी ही भली, अब हर बात पर जंग हो यह जरूरी तो नहीं।" लोग बताते हैं कि उसे सजा का एहसास हो गया था।

17 महीने बाद फरार हो गया बदन सिंह
28 मार्च 2019, संजय गुर्जर मर्डर मामले में पेशी के लिए बदन सिंह को फतेहगढ़ जेल से गाजियाबाद कोर्ट लाया गया। सुनवाई पूरी हुई और वापस जेल की तरफ काफिला चला। बद्दो ने पुलिसवालों को मेरठ के रास्ते फतेहगढ़ चलने के लिए राजी कर लिया। मेरठ पहुंचा तो गाड़ी को अपने शेयर वाले थ्री स्टार मुकुट महल होटल पर रुकवाया। यहां पुलिस के लिए शराब-शबाब और कबाब की शानदार व्यवस्था थी। पुलिसवाले शराब के नशे में खो गए और बद्दो फरार हो गया।

सरकार अब संपत्ति जब्त कर रही

पंजाबीपुरा में बदन सिंह की आलीशान कोठी को जमीदोंज कर दिया गया।

पंजाबीपुरा में बदन सिंह की आलीशान कोठी को जमीदोंज कर दिया गया।

20 जनवरी 2021 को मेरठ नगर निगम के अधिकारी मनोज सिंह दो बुलडोजर और 20 मजदूर लेकर पंजाबीपुरा पहुंचे और बद्दो की आलीशान कोठी तोड़ दी। नवंबर 2020 में बद्दो की संपत्ति कुर्क की थी। 2022 में एसएसपी प्रभाकर चौधरी की अगुवाई में बद्दो की एक मार्केट को ध्वस्त कर दिया गया। इसकी कीमत करीब 10 करोड़ थी। प्रशासन को बद्दो की दर्जनों लग्जरी गाड़ियां नहीं मिल सकी। ऐसा इसलिए क्योंकि वह गाड़ियों को दूसरों के नाम खरीदता था।

2.5 लाख के इनामी बद्दो के करीबी का फ्लैट जब्त

मेरठ पुलिस प्रशासन ने कुख्यात बदन सिंह बद्दो के करीबी दोस्त पर भी शिंकजा कसा है। बद्दो को फरारी में सहयोग करने वाले डिपिन सूरी का दिल्ली रोड पर सुपरटेक पामग्रीन में सवा करोड़ रुपए का फ्लैट को कुर्क करते हुए जब्त कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में की है। एसएसपी रोहित सिंह सजवान के आदेश पर कार्रवाई की गई है।

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Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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