ब्लॉक मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर होने के कारण ग्रामीणों को थी समस्याओं के समाधान की उम्मीद, ग्राम प्रधान की गैर मौजूदगी पर भी उठे सवाल


जंगल कौड़िया। विकासखंड के गोविंदपुर ग्राम पंचायत में शुक्रवार को आयोजित ग्राम चौपाल में संबंधित विभागों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि चौपाल में किसी भी विभाग के संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं रहे, जिसके कारण वे अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने नहीं रख सके और उनके समाधान की उम्मीद भी पूरी नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत से ब्लॉक मुख्यालय की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। ऐसे में रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं है। शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम चौपाल का आयोजन होने पर ग्रामीणों को उम्मीद रहती है कि अधिकारी गांव में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर समाधान कराएंगे। लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण यह उम्मीद निराशा में बदल गई।ग्रामीणों का कहना है कि चौपाल के अवसर पर ग्राम प्रधान अनिता की भी गैरमौजूदगी रही। और जबरन लोगों को बैठक फोटो खींचकर चौपाल में कोरम पुर किया गया है इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने में और अधिक परेशानी हुई। उनका आरोप है कि जब चौपाल में अधिकारी और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ही मौजूद नहीं होंगे, तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने तथा ग्राम चौपाल में अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम चौपाल जैसी व्यवस्था का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनी जाएं और उनका समयबद्ध समाधान कराया जाए।

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