क्षेत्रीय दबंग लेखपाल गलत, झूठी रिपोर्ट पर गुमराह कर अपने उच्च अधिकारी गण से कराया विधि-विरुद्ध जनहित का कार्य
    बस्ती ll भानपुर तहसील के ग्राम सभा तेनुआ असनहरा के हल्का लेखपाल श्री राम बहादुर यादव जी द्वारा जनहित के कार्य को ऐसा विधि-विरुद्ध कराया गया है जिसको गांव वासी कभी भूल नहीं सकते l असम्भव को सम्भव करने की असीम क्षमता रखने वाले श्री यादव जी लेखपाल अन्य गांव का चार्ज लेकर पूर्व में किये गये अपने गलत कार्य पर पर्दा डालने में कामयाब रहे, लेकिन पेपर वर्क में उनका कारनामा आज भी आम जनता को पीड़ा दे रहा है l
  लेखपाल जी के कारनामो में से एक खलिहान गाटा संख्या 134रकबा 80 एयर का है जो सरकारी कागजात में गांव समाज भूमि के खाते मे दर्ज है जिस पर प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र पुत्र कालीदीन के पूर्णतया साजिश से गांव ही के हीरालाल आदि पुत्र स्व. गंगाराम निषाद जो कि पिछड़ी जाति के हैं,को लगभग 25 वर्षो से अवैध कब्जा कराया गया है l जिसको खाली कराने के SDM भानपुर,DM बस्ती को सशपथ प्रार्थना-पत्र दिनांक 01जून 2019 को दिया गया जिसपर खलिहान गाटा 134को खाली कराने का आदेश हुआ जिससे नाराज प्रधान वीरेंद्र खलिहान अवैध दबंग कब्जेदार हीरालाल की पत्नी इंद्रावती (कानी )को गुमराह करके खलिहान बने छप्पर मकान को जलवाकर खलिहान खाली कराने वालों के विरुद्ध मु0-51/19 धारा 436आदि दर्ज करा दिया गया जिसमे मुख्य शिकायत कर्ता तिलकराम निषाद जेल गए,जो जमानत पर आने के कुछ माह बाद आकस्मिक काल के गाल में समा गये परन्तु तिलकराम की जमानत कराने वालों में से मुख्य के विरुद्ध प्रधान वीरेंद्र पुत्र कालीदीन अपने साजिस में लेकर जालसाजी व पेशेवर महिला इंद्रावती पत्नी हीरालाल निषाद के द्वारा फर्जी मु 0 149/19धारा 376  दर्ज करा दिया,जिसका दंश आज भी निर्दोष झेल रहा है और गवाह प्रधान स्वयं व अपने रिश्तेदारों,दोस्तो को बनाकर उनके लिए सरकारी खजाना खोल दिया जिनको तमाम तरह से मोटा धन मिलता रहा,और 9 गवाह सशपथ बनवाया   यह कहकर कि खलिहान कभी खाली नहीं होगा जिसमे कुछ अनपढ़ महिला दो अन्य खलिहान कब्जेदारो की पत्नियां भी शामिल रही l फर्जी मु0 में गवाही की जानकारी होने पर दोनों कब्जेदारो की पत्नियों ने झूठा व फर्जी मु0 में गवाही देने से इनकार करने पर इंद्रावती के काबिज जमीन को छोड़कर,शेष दोनों के खलिहान में बने मकान उन्ही शिकायतों का हवाला देते हुये प्रशासन से आदेश कराकर ध्वस्त करा दिया जिसमे उक्त यादव लेखपाल द्वारा इदरावती पत्नी हीरालाल निषाद को अनुसूचित व भूमिहीन का रिपोर्ट लगाकर,अपने अधिकारियो से आदेश कराने का सफल भूमिका निभाया,जिसके खिलाफ आज तक कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं की गई l लेखपाल के प्रभाव के आगे अधिकारी गण कार्यवाही करने मे असमर्थ रहे l ऐसे दबंग लेखपाल राम बहादुर यादव जैसे लोगो से जनता को सतर्क रहने की जरूरत है l  और आगे इन महोदय के कारनामो को जनहित में जारी होगा l ग्राम सभा तेनुआ असनहरा के हल्का लेखपाल श्री राम बहादुर यादव जी द्वारा जनहित के कार्य को ऐसा विधि-विरुद्ध कराया गया है जिसको गांव वासी कभी भूल नहीं सकते l असम्भव को सम्भव करने की असीम क्षमता रखने वाले श्री यादव जी लेखपाल अन्य गांव का चार्ज लेकर पूर्व में किये गये अपने गलत कार्य पर पर्दा डालने में कामयाब रहे, लेकिन पेपर वर्क में उनका कारनामा आज भी आम जनता को पीड़ा दे रहा है l
  लेखपाल जी के कारनामो में से एक खलिहान गाटा संख्या 134रकबा 80 एयर का है जो सरकारी कागजात में गांव समाज भूमि के खाते मे दर्ज है जिस पर प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र पुत्र कालीदीन के पूर्णतया साजिश से गांव ही के हीरालाल आदि पुत्र स्व. गंगाराम निषाद जो कि पिछड़ी जाति के हैं,को लगभग 25 वर्षो से अवैध कब्जा कराया गया है l जिसको खाली कराने के SDM भानपुर,DM बस्ती को सशपथ प्रार्थना-पत्र दिनांक 01जून 2019 को दिया गया जिसपर खलिहान गाटा 134को खाली कराने का आदेश हुआ जिससे नाराज प्रधान वीरेंद्र खलिहान अवैध दबंग कब्जेदार हीरालाल की पत्नी इंद्रावती (कानी )को गुमराह करके खलिहान बने छप्पर मकान को जलवाकर खलिहान खाली कराने वालों के विरुद्ध मु0-51/19 धारा 436आदि दर्ज करा दिया गया जिसमे मुख्य शिकायत कर्ता तिलकराम निषाद जेल गए,जो जमानत पर आने के कुछ माह बाद आकस्मिक काल के गाल में समा गये परन्तु तिलकराम की जमानत कराने वालों में से मुख्य के विरुद्ध प्रधान वीरेंद्र पुत्र कालीदीन अपने साजिस में लेकर जालसाजी व पेशेवर महिला इंद्रावती पत्नी हीरालाल निषाद के द्वारा फर्जी मु 0 149/19धारा 376  दर्ज करा दिया,जिसका दंश आज भी निर्दोष झेल रहा है और गवाह प्रधान स्वयं व अपने रिश्तेदारों,दोस्तो को बनाकर उनके लिए सरकारी खजाना खोल दिया जिनको तमाम तरह से मोटा धन मिलता रहा,और 9 गवाह सशपथ बनवाया   यह कहकर कि खलिहान कभी खाली नहीं होगा जिसमे कुछ अनपढ़ महिला दो अन्य खलिहान कब्जेदारो की पत्नियां भी शामिल रही l फर्जी मु0 में गवाही की जानकारी होने पर दोनों कब्जेदारो की पत्नियों ने झूठा व फर्जी मु0 में गवाही देने से इनकार करने पर इंद्रावती के काबिज जमीन को छोड़कर,शेष दोनों के खलिहान में बने मकान उन्ही शिकायतों का हवाला देते हुये प्रशासन से आदेश कराकर ध्वस्त करा दिया जिसमे उक्त यादव लेखपाल द्वारा इदरावती पत्नी हीरालाल निषाद को अनुसूचित व भूमिहीन का रिपोर्ट लगाकर,अपने अधिकारियो से आदेश कराने का सफल भूमिका निभाया,जिसके खिलाफ आज तक कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं की गई l लेखपाल के प्रभाव के आगे अधिकारी गण कार्यवाही करने मे असमर्थ रहे l ऐसे दबंग लेखपाल राम बहादुर यादव जैसे लोगो से जनता को सतर्क रहने की जरूरत है l  और आगे इन महोदय के कारनामो को जनहित में जारी होगा l

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