नेपाल आपदा के मृतकों की याद में जलाए दीप, गोरखपुर ने दी श्रद्धांजलि
शत् संवेदना एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उमड़ा जनसमूह, मोमबत्ती जलाकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए की प्रार्थना
जनता दर्शन, आईजीआरएस और राजस्व मामलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश
जनता दर्शन, आईजीआरएस और राजस्व मामलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश
नेपाल से आने वाले पानी और संभावित बाढ़ को लेकर सतर्क रहें अधिकारी, जन्माष्टमी पर सुरक्षा व्यवस्था रहे चाक-चौबंद
गोरखपुर में मंडलायुक्त सभागार से जुड़े आला अधिकारी, मुख्यमंत्री ने विभागवार व्यवस्थाओं की ली जानकारी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर जनसमस्याओं, आईजीआरएस शिकायतों, राजस्व मामलों के निस्तारण, जलभराव, संभावित बाढ़, नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति, जन्माष्टमी पर्व तथा कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रदेश के सभी जनपदों के वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जनपदों से जुड़े रहे। गोरखपुर में मंडलायुक्त सभागार से मंडल एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री जनता दर्शन और जनसुनवाई से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचती है। ऐसे में अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर वास्तविक समाधान दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर से शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा शिकायतों को लंबित रखना अथवा औपचारिकता पूरी करके निस्तारित दिखाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विवादों का समयबद्ध निस्तारण शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण, वरासत और अन्य राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए और राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील भूमि विवादों का समाधान कराएं, ताकि छोटे विवाद बड़े कानून-व्यवस्था के मामलों में परिवर्तित न हों। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों को भी नियमित रूप से भ्रमण कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।
बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जलभराव वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान कर जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नालों और नालियों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था, जल निकासी के संसाधनों और संवेदनशील स्थानों पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीमों को तैयार रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। नगर निकायों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और जहां जल निकासी में बाधा हो, वहां तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलभराव की शिकायत मिलने का इंतजार न किया जाए, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। नेपाल से आने वाले पानी के कारण नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सीमावर्ती और नदी किनारे के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया। बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी तैयारियां समय से पूरी रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, सिंचाई, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, नगर निकाय और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, राहत शिविरों की व्यवस्था, नावों एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता तथा आवश्यक खाद्य सामग्री और दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और संबंधित अधिकारियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो। निचले इलाकों में रहने वाली आबादी को संभावित खतरे की स्थिति में समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार रखी जाए। पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाएं, चिकित्सकीय टीमें और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें। पेयजल की शुद्धता, क्लोरीनेशन और साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
बैठक में आगामी जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिरों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। भीड़ वाले स्थानों पर यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि पर्व और त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अफवाह, अराजकता या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाए। सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जाए और भ्रामक या आपत्तिजनक सूचनाओं के प्रसार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होनी चाहिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने पर जोर दिया गया। जन्माष्टमी के दौरान निकलने वाले कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और धार्मिक आयोजनों के लिए आयोजकों के साथ समन्वय कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचना चाहिए। विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के साथ ही सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और कार्यालयों में बैठकर केवल कागजी रिपोर्ट तैयार करने के बजाय मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करने की कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार से एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी, अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, सीआरओ हिमांशु वर्मा, एडीएम वित्त जय प्रकाश, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, डीएसओ अजय प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह, उप निदेशक पंचायती राज गोरखपुर मंडल हिमांशु शेखर ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। बैठक के दौरान जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, राजस्व मामलों के समाधान, जलभराव एवं बाढ़ से बचाव और आगामी जन्माष्टमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विभागवार तैयारियों को मजबूत करने पर जोर रहा।
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