आमोद कुमार


आमोद कुमार 
बांदा। जहां एक ओर भीषण गर्मी इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी संकट बनकर सामने आई है, वहीं नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सविता साहू ने मानवीय संवेदना और पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।प्रधानाचार्या के निर्देशन में विद्यालय परिसर के पेड़ों पर लकड़ी के घोंसले लगवाए गए हैं। साथ ही मिट्टी के परिंडे (बर्तन) बांधकर उनमें प्रतिदिन पक्षियों के लिए स्वच्छ पानी और दाने की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल से विद्यालय परिसर में पक्षियों को सुरक्षित आश्रय और भीषण गर्मी में राहत मिल रही है।प्रधानाचार्या  सविता साहू ने बताया कि बढ़ते तापमान और घटते प्राकृतिक संसाधनों के कारण पक्षियों को भोजन और पानी के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में समाज का दायित्व है कि वह बेजुबान जीवों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल पक्षियों को राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और जीवों के प्रति दया एवं संवेदनशीलता का भाव विकसित करना भी है।
विद्यालय की इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रत्येक विद्यालय, संस्थान और परिवार अपने आसपास पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करे, तो भीषण गर्मी में हजारों बेजुबान जीवों का जीवन बचाया जा सकता है। यह छोटी-सी पहल समाज को बड़ा संदेश देती है कि प्रकृति की रक्षा में हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।

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