NEET-UG 2026 री-एग्जाम के सुरक्षित और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने की तैयारियों के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल आयोजित करेगी. सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक ये मॉक ड्रिल होगी. 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे,


21 जून (रविवार) को NEET-UG 2026 री-एग्जाम आयोजित होगा. एग्जाम से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार को देशभर में मॉक ड्रिल करेगी. एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर मल्टी लेयर सिक्योरिटी तैयार की गई है. बताया जा रहा है कि 20 जून को सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक देशव्यापी मॉक ड्रिल होगी.

 

NTA ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि वह रविवार (21 जून) को होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम के लिए पूरी तरह तैयार है. उसने बताया कि गोपनीय परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बलों और एस्कॉर्ट टीम को सौंपी गई है. एग्जाम में 22.79 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे. इसके लिए भारत के 551 और विदेश के 14 शहरों में 5000 से ज्यादा एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं. सभी केंद्रों को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है. 18.5 लाख+ उम्मीदवार एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं. 3.5 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा शहर, केंद्र बदलने का विकल्प चुना.

15,000 सिग्नल जैमर परीक्षा केंद्रों पर तैनात

NTA के अनुसार एग्जाम कंडक्ट कराने में 2 लाख से अधिक कर्मी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर लगाए गए हैं. 2 से 2.5 लाख पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. 15,000 अर्धसैनिक बल कर्मी प्रश्नपत्र और OMR शीट के सुरक्षित परिवहन में लगाए गए हैं. इसके साथ ही अतिरिक्त 1.5 लाख CCTV कैमरे लगाए गए हैं. 15,000 सिग्नल जैमर परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए हैं.

 

सभी केंद्रों की होगी निगरानी

बताया जा रहा है कि सभी केंद्रों की निगरानी NTA मुख्यालय और कंट्रोल रूम से रियल-टाइम में होगी. परीक्षा संचालन में 2 लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल किए गए हैं. NTA के मुताबिक, एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में होगी. PwD और PwBD श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देते हुए शाम 6:20 बजे तक एग्जाम लिखने की अनुमति होगी.

दोबारा परीक्षा कराने का फैसला

दरअसल, 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी. परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए. जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी. इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया.

सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं की जांच

NTA ने कहा है कि एग्जाम से पहले शनिवार को आयोजित मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी. एग्जाम के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से एग्जाम सेंटरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस और एस्कॉर्ट टीमों को दी गई है. सभी सेंटरों पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर भी मौजूद रहेंगे. एग्जाम की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है. गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत रखी जाएगी. एग्जाम सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग होगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाएगा. सभी एग्जाम सेंटर CCTV निगरानी में रहेंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से की जाएगी.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी

NTA ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों और गड़बड़ियों को रोका जा सके. NTA ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और पेपर लीक या एग्जाम से जुड़ी अफवाहों से बचने की अपील की है. संदिग्ध संदेशों और चैनलों की जानकारी NTA या साइबर अपराध एजेंसियों को देने को कहा गया है.

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