​गोरखपुर


 शहर के एक निजी अस्पताल शीतला केयर हॉस्पिटल (गोलघर) पर गंभीर आरोप लगे हैं। कुशीनगर के निवासी जयप्रकाश प्रजापति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत के बाद अस्पताल ने इसे 5 दिनों तक छिपाए रखा और इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी बिलिंग कर सरकारी धन ऐंठने की कोशिश की।
​पीड़ित जयप्रकाश प्रजापति ने बताया कि वह अपनी 14 वर्षीय स्वस्थ बेटी राजनंदनी को पित्त की थैली में पथरी के मामूली ऑपरेशन के लिए 23 मई 2026 की रात अस्पताल लेकर आए थे। आरोप है कि डॉक्टर उसे ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले गए और बिना सही एनेस्थीसिया या सुरक्षा मानकों के, उसे करीब 4 से 5 घंटे तक वहीं रखा।न्याय की मांग
पीड़ित पिता ने प्रशासन और पुलिस से निम्नलिखित मांगें की हैं:
​आरोपी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और धोखाधड़ी (धारा 420) का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
​24 मई को अस्पताल में हुए सभी 8 ऑपरेशनों के रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की उच्च-स्तरीय जांच हो।
​सीएमओ (CMO) गोरखपुर द्वारा अस्पताल को तत्काल सील किया जाए और उसका लाइसेंस तथा आयुष्मान एम्पैनलमेंट हमेशा के लिए निरस्त किया जाए।
​पीड़ित पिता ने मीडिया जगत से अपील की है कि वे इस मामले को प्रमुखता से उठाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके और अन्य लोग ऐसी जगह जाने से बचें।

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