कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कल (गुरुवार) को पहले से तय सत्ता बंटवारे के फार्मूले के तहत आधिकारिक तौर पर सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं. दिल्ली में करीब सात घंटे चली मैराथन बैठक और राहुल गांधी के साथ चर्चा के बाद सिद्धारमैया ने पद छोड़ने पर सहमति जताई है .


कर्नाटक कांग्रेस में पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान आखिरकार दिल्ली दरबार में समाप्त हो गई है. राष्ट्रीय राजधानी में एआईसीसी कार्यालय में करीब सात घंटे चली मैराथन बैठक और राहुल गांधी के साथ महत्वपूर्ण गुप्त ‘वन-टू-वन’ चर्चा के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर सहमति जताई है .

 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कल (गुरुवार) को आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. राज्य में सरकार 50-50 का ‘सत्ता बंटवारे का फार्मूला तय हुआ था. जिसके तहत 5 साल के शासन में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच शासन की की बात तय थी.

 

काफी समय से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा

पिछले काफी समय से डीके शिवकुमार इस बात की मांग उठा रहे थे. कई बार उनके समर्थकों ने दिल्ली में डेरा डाला. कांग्रेस नेतृत्व से भी कई बार बातचीत हुई थी लेकिन इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पा रहा था. लेकिन अब खबर है कि पहले से तय ‘सत्ता बंटवारे के फार्मूले’ के तहत सिद्धारमैया आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

 

सिद्धारमैया पद छोड़ने पर सहमत

जानकारी के मुताबिक सिद्धारमैया और राहुल गांधी के बीच लंबी बातचीत हुई. जिसके बाद सिद्धारमैया पद छोड़ने पर सहमत हो गए. मुख्यमंत्री ने उच्च कमान के आदेशों का पालन किया. बताया जा रहा है कि गुरुवार (28 मई) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफे के फैसले की घोषणा की जा सकती है. इसके साथ ही, राज्य की राजनीति में एक नए नेतृत्व अध्याय की शुरुआत के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं.

दिल्ली में हुई बैठक में क्या हुआ

मंगलवार को दिल्ली में हुई हाई कमान की बैठक का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था. एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ लंबी बैठक की. सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सिद्धारमैया के साथ एक अलग बैठक में उन्हें समझाया कि पार्टी के हित में और आगामी चुनावों का सामना करने के लिए नेतृत्व में बदलाव जरूरी है. इसी दौरान हाई कमान ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करने के लिए राज्यसभा सीट और उनके बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को नवगठित मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की है.

मुख्यमंत्री का रुख

दिल्ली में हुई बैठक के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिल्ली के एक निजी स्थान पर अपने करीबी मंत्रियों डॉ. जी. परमेश्वर, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल और भैरती सुरेश के साथ एक आपातकालीन बैठक की और हाई कमान के फैसले के बारे में बताया. इस दौरान, करीबी मंत्रियों ने उन पर भावनात्मक दबाव डालते हुए कहा कि किसी भी कारण से इस्तीफा न दें. इसके साथ ही यह भी कहा कि वो हाई कमान से फिर बात करेंगे. लेकिन सिद्धारमैया ने मंत्रियों के अनुरोध का जवाब देते हुए कहा, ‘मैं राहुल गांधी की बात को ठुकरा नहीं सकता, जैसा कि मैंने वादा किया था, मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं’.

आज हो सकती है इस्तीफे की घोषणा

मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने मंत्रियों ज़मीर अहमद खान, एच.सी. महादेवप्पा, कृष्णा बायरे गौड़ा और कानूनी सलाहकार ए.एस. पोन्नन्ना के साथ बेंगलुरु के एचएएल हवाई अड्डे पहुंचे. आज मुख्यमंत्री महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के कार्यक्रमों में भाग लेंगे और संभवतः एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके अपने इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा करेंगे.

जून 2026 तक सुचारू रूप से सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए, एआईसीसी नेता के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला भी आज (27 मई) बेंगलुरु पहुंच रहे हैं ताकि वो विधानमंडल दल (सीएलपी) की बैठक कर अगले मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकें.

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