बीमारी, बेबसी और इंतजार: दो साल से बिस्तर पर पड़ा रामखेड़ा का आकाश, सरकारी मदद का इंतजार
अब तक न्याय /दीपसिंह
युगांडा से भारत लौटी एक महिला की इबोला जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. महिला को बेंगलुरु के एक सरकारी अस्पताल में निगरानी के लिए अलग रखा गया है. बताया जा रहा है कि महिला को हल्का बदन दर्द है, लेकिन कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है.
युगांडा से भारत लौटी एक महिला की इबोला जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. हल्के बदन दर्द की शिकायत के बाद उसे एहतियातन बेंगलुरु के सरकारी एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया था. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मरीज की हालत सामान्य थी और शरीर दर्द के अलावा कोई गंभीर लक्षण नहीं पाए गए. उसका सैंपल जांच के लिए National Institute of Virology भेजा गया था, जहां रिपोर्ट इबोला निगेटिव आई.
अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. इस बीच युगांडा से यात्रा करके आई एक महिला को बेंगलुरु के एक सरकारी अस्पताल में निगरानी के लिए अलग रखा गया है. अहमदाबाद के रास्ते पहुंची 28 साल की महिला को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
बताया जा रहा है कि महिला को हल्का बदन दर्द है, लेकिन कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है. अधिकारियों के अनुसार, इबोला प्रभावित क्षेत्र से आई महिला को होटल से अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया. उसके नमूने को जांच के लिए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (National Institute of Virology – NIV) भेजा गया था. जांच रिपोर्ट में इबोला वायरस की की पुष्टि नहीं हुई और महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई है.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक इबोला वायरस वायरस का कोई पॉजिटिव (Positive) मामला सामने नहीं आया है और सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है.एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि वह इबोला की बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, खासकर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में हाल ही में सामने आए प्रकोपों के बाद.
दरअसल कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. WHO ने युगांडा में तेजी से बढ़ रहे ईबोला के केस को देखते हुए यहां हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है. WHO के मुताबिक डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस का तेजा के साथ फैलला चिंता का विषय है.
युगांडा और कांगो में इबोला का प्रकोप अब तक के सबसे बड़े प्रकोपों में से एक है. इबोला एक गंभीर और अक्सर जानलेवा बीमारी है जो संक्रमित शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलती है. कांगो और युगांडा में इस वायरस से अबतक 220 लोगों की मौत हो गई है. शहरों के साथ ही यह वायरल छोटे कस्बों और अस्पतालों में भी फैल रह है तो चिंता की बात है.
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