छिबरामऊ (कन्नौज)। विकासखंड छिबरामऊ की ग्राम पंचायत रामखेड़ा निवासी आकाश पिछले दो वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। कभी मजदूरी कर परिवार का सहारा बनने वाले आकाश आज बिस्तर पर जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार इलाज और रोजमर्रा के खर्चों के लिए संघर्ष कर रहा है।
आकाश ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनके शरीर की नसें ब्लॉक हो गई थीं। धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और मजदूरी का काम पूरी तरह बंद हो गया। बचपन में ही पिता का निधन हो जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां पहले से ही कठिन थीं। परिवार में चार भाई हैं, लेकिन सभी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
बीमारी के बाद घर की जिम्मेदारी वृद्ध मां मीरा देवी और पत्नी ममता पर आ गई है। दोनों मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। परिवार में तीन छोटे बच्चे रिया, ऋषि और देव भी हैं, जिनकी पढ़ाई और देखभाल चिंता का विषय बनी हुई है।
परिवार के पास अपना मकान भी नहीं है। आकाश पत्नी और बच्चों के साथ भाई के एक छोटे कमरे में रह रहे हैं। परिजनों का कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी सहायता की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी।
आकाश की पत्नी ममता ने प्रशासन से इलाज और आवास सहायता दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि योजनाओं की जानकारी तो दी जाती है, लेकिन जरूरतमंदों तक समय पर लाभ नहीं पहुंच पाता।
वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि आकाश का नाम सूची में शामिल है। बजट उपलब्ध होते ही उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
रामखेड़ा का यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों की उस वास्तविकता को सामने लाता है, जहां बीमारी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को प्रभावित कर देती है।
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