पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की बीजेपी सरकार ने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई तेज कर दी है. कोलकाता समेत कई शहरों में माफिया और टीएमसी नेताओं की गैर-कानूनी संपत्तियां ध्वस्त की जा रही हैं. वहीं, अभिषेक बनर्जी को भी उनके कालीघाट स्थित घरों में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम से नोटिस


पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार आने के बाद माफिया और टीएमसी नेताओं की अवैध इमारतों पर बुलडोजर एक्शन जारी है. कोलकाता के तिलजला-बेलेघाटा-कस्बा समेत कई जगहों पर बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया. बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद उसने सबसे पहले कहा कि वह कोई भी गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन नहीं होने देगी.

 

इसी तरह, कोलकाता समेत राज्य के अलग-अलग जिलों में भी गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के कुछ हिस्सों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. रविवार को कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला. नगर निगम मंत्री अग्निमित्रा पॉल खुद कस्बा में गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराती नजर आईं.

 

कहां-कहां गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन गिराया गया?

बेलेघाटा, कस्बा, बालीगंज, उल्टोडांगा और बेहाला में गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन गिराया गया. बेलेघाटा के माफिया राजू नस्कर के गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को बुलडोजर गिरा रहे हैं. नगर निगम ने तिलजला में पूर्व जावेद खान के बेटे फैयाज खान के गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराया. बालीगंज में सोना पप्पू की बनाई गैर-कानूनी मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग को गिराया जा रहा है और मंत्री अग्निमित्रा खुद कस्बा के बोसपुकुर में मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग को गिराने गईं.

 

 

इस बारे में मंत्री ने कहा, सोना पप्पू एक बदनाम बदमाश है. ऐसे छह गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन गिराए जाएंगे.राजू नस्कर और सोना पप्पू के बनाए कंस्ट्रक्शन गिराए जाएंगेय इसके अलावा विधायक और पूर्व मंत्री जावेद खान और उनके बेटे के दो कंस्ट्रक्शन की पहचान हुई है. इन्हें गिराया जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा, इन घरों को बनाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. इन्हें बनाने वालों, पैसा लगाने वालों पर भी कार्रवाई होगी. हैरानी की बात है कि पिछली सरकार को 15 साल तक यह मामला नहीं दिखा? उन्हें भी सजा मिलेगी. इस दिन, गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन गिराने के लिए हर तरफ से बुलडोजर लाए गए हैं. सेंट्रल फोर्स और बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई.

गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन पर अभिषेक को नोटिस

दूसरी ओर, डायमंड हार्बर से तृणमूल सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को चिट्ठी लिखकर समय मांगा है. कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने उनकी प्रॉपर्टी की वैल्यूएशन और उनके घर के एक गैर-कानूनी हिस्से को गिराने के संबंध में नोटिस जारी किया है.

 

अभिषेक बनर्जी ने अब इस बारे में जानकारी देने के लिए एक वकील के जरिए कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को लेटर भेजा है. गौरतलब है कि इससे पहले, पत्रकारों ने घर के गैर-कानूनी हिस्से के बारे में सवाल पूछकर अभिषेक के गुस्से का सामना किया था. गुस्साए अभिषेक ने कहा, “कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जाकर पूछो कि गैर-कानूनी हिस्सा कहां हैं?” हालाxकि, इस बार उन्होंने अपना लहजा नरम करते हुए लेटर भेज दिया.

नोटिस के बाद अभिषेक बनर्जी ने मांगा समय

कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन अभिषेक बनर्जी को जानकारी देने के लिए वह समय देगा. हालांकि, इस बारे में मंजूरी के लिए यह म्युनिसिपल कमिश्नर के पास जाएगा, और फिर कमिश्नर पूरे मामले पर फैसला करेंगे.

कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने अभिषेक बनर्जी के कालीघाट वाले घर और शांतिनिकेतन वाले घर को नोटिस भेजा था. सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने शांतिनिकेतन और कालीघाट वाले घरों में कई गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन देखे थे. कई हिस्सों को तोड़कर नए कंस्ट्रक्शन किए गए हैं.

इसी वजह से, 188 A हरीश मुखर्जी रोड, 121 कालीघाट रोड पर जिस घर में ‘अभिषेक हार्डवेयर’ की दुकान है (जो असल में अभिषेक की मां लता बनर्जी के नाम पर है), वहां कई गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के आरोपों के आधार पर सेक्शन 400 (1) के तहत एक नोटिस भेजा गया है. इन दो नोटिसों में दो घरों के गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन को गिराने का आदेश दिया गया है. 7 दिनों के अंदर गिराने का आदेश दिया गया है. अगर अभिषेक बनर्जी खुद इसे नहीं गिराते हैं, तो यह गिराने का काम निगम करेगा.

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