नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच एक उच्च-स्तरीय और व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई. दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर सार्थक चर्चा की.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट इस वार्ता के बारे में जानकारी साझा की है. उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री को टैग करते हुए लिखा, ‘नई दिल्ली में USA के विदेश मंत्री के साथ अच्छी बातचीत हुई. हमने अपनी ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के पूरे दायरे की समीक्षा की, जिसमें व्यापार और ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और AI, परमाणु और लोगों के बीच संबंध, आतंकवाद-रोधी उपाय और नशीले पदार्थों पर नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘आपसी हित के क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई. इस संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई. हम मंगलवार को होने वाली QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक में सेक्रेटरी रूबियो, साथ ही ऑस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्षों के साथ शामिल होने के लिए उत्सुक हैं.’
भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों का रोडमैप किए पेश
वार्ता के बाद विदेश मंत्री मार्को रूबियो और एस. जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों के लिए एक भविष्य का रोडमैप पेश किया गया. इसके अतिरिक्त, अमेरिका की वीजा नीतियों में बदलाव, आव्रजन संकट और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ते ऑनलाइन नस्लवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी स्पष्ट जवाब दिए गए.
संबंध अब पारंपरिक कूटनीति की सीमाओं से काफी आगे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच का संबंध अब पारंपरिक कूटनीति की सीमाओं से काफी आगे निकल चुका है. रूबियो का यह बयान भारत की अपनी चार-दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात के ठीक एक दिन बाद आया. इस बैठक में दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे.
व्यापार समझौतों और मेक इन इंडिया पर भारत का रुख
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने वाले रक्षा और आर्थिक स्तंभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने घोषणा की कि भारत और अमेरिका ने हाल ही में आगामी कार्यकाल के लिए अपने 10-वर्षीय प्रमुख रक्षा साझेदारी रूपरेखा समझौते (Major Defense Partnership Framework Agreement) को नवीनीकृत किया है. इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस (UDA) के लिए एक व्यापक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए हैं.
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए, जयशंकर ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए, हमने भारत के मेक इन इंडिया विजन को ध्यान में रखने के महत्व पर, साथ ही हाल के वैश्विक संघर्षों से सीखे गए रणनीतिक सबकों पर गहन चर्चा की है. विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देश जल्द से जल्द एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह समझौता भविष्य में एक बड़े, व्यापक द्विपक्षीय व्यापार सौदे के लिए आधार तैयार करेगा. एक ऐसा विजन जिसकी परिकल्पना सबसे पहले फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान की गई थी.
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए
Facebook,
Instagram,
Twitter
पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे
YouTube
चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
Leave a Comment: