“भैया, चलो ना स्कूल…”


“भैया, चलो ना स्कूल…”

नया सवेरा, नई किताबें,
खुशियों वाला आया साल,
घंटी जैसे मुझे बुलाए,
चलो भैया, तू अब न टाल।

सुनो ना भैया, चलो स्कूल,
वहाँ बहुत मज़ा आएगा,
पढ़ना-लिखना, खेल-कूद सब,
दिन कैसे बीत जाएगा!

गुरुजी कितने अच्छे लगते,
धीरे-धीरे समझाते हैं
गलती होने पर भी हमको
प्यार से रास्ता बताते हैं।

कहानियों में छुपे हैं सपने,
किताबों में है नई उड़ान
तुम भी सीखो मैं भी सीखूं,
बढ़े हमारा छोटा जहान।

चलो संग में दौड़ लगाएं,
खेलें गाएं हंसते जाएं
पढ़-लिखकर कुछ बनना है तो,
आज ही कदम बढ़ाएं।

छोटी हूँ पर दिल से कहती,
भैया मेरी बात लो मान
हाथ पकड़कर संग मेरे तुम
आज ही स्कूल करो प्रस्थान।

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