ब्लॉक मुख्यालय पर पशु गोष्ठी का हुआ आयोजन, पशुपालकों को दिए गए आय वृद्धि के सुझाव
सहजनवा गोरखपुर विकासखंड पिपरौली में शनिवार को पशु विभाग द्वारा ब्लॉक सभागार में पशुपालक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख दिलीप
मुतवल्ली का मौन और अफसरों की सुस्ती क्या खैरात खाना अब माफियाओं की जागीर है? लखनऊ अदब और तहजीब के शहर में अब एक नई रवायत ने जन्म ले लिया है, विरासत
मुतवल्ली का मौन और अफसरों की सुस्ती क्या खैरात खाना अब माफियाओं की जागीर है? लखनऊ अदब और तहजीब के शहर में अब एक नई रवायत ने जन्म ले लिया है, विरासत बेचो और खामोश रहो। विक्टोरिया स्टेट रोड पर खड़ी ऐतिहासिक इमारतें आज अपनी बदहाली पर आंसू नहीं बहा रहीं,बल्कि उस प्रशासनिक तंत्र पर हंस रही हैं जो फाइलों में तो स्मार्ट सिटी के सपने बुनता है, लेकिन जमीन पर एक खैरात खाना तक नहीं बचा पाता।
नसरुद्दीन हैदर ट्रस्ट, जिसकी कमान सीधे तौर पर लखनऊ के DM और SDM जैसे आला अधिकारियों के हाथ में है, आज एक लाचार तमाशबीन बनकर रह गया है। सुन्नी इंटर कॉलेज के बगल में स्थित ऐतिहासिक खैरात खाना की दीवारें आज चीख-चीख कर पूछ रही हैं कि आखिर उन्हें भू-माफियाओं के हवाले करने का सौदा कितने में हुआ है? जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो पत्थर की इन इमारतों की बिसात ही क्या!
इस पूरे खेल के एक अहम किरदार हैं मुतवल्ली हसन। जब इस अतिक्रमण पर उनसे सवाल पूछे जाते हैं, तो उनके मुंह पर ताला लग जाता है। यह चुप्पी कोई साधारण मौन नहीं है, यह उस मिलीभगत की ओर इशारा करती है जहाँ विरासत की सुरक्षा से ज्यादा अवैध दुकानों का किराया कीमती हो जाता है। क्या मुतवल्ली साहब को विरासत से ज्यादा अपनी कुर्सी की सलामती की फिक्र है?
बाजार खाला पुलिस और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाना अब फिजूल सा लगता है। सड़क पर लगता भीषण ट्रैफिक जाम और ऐतिहासिक गेट के सीने पर मूंग दलती दुकानें इनकी सक्रियता का जीता-जागता सबूत हैं। पूर्व में हुई दिखावटी कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जा होना यह साबित करता है कि प्रशासन के पास या तो रीढ़ की हड्डी की कमी है, या फिर उनकी जेबें इतनी भारी कर दी गई हैं कि उन्हें अतिक्रमण दिखाई ही नहीं देता।
क्या जिला प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर के पूरी तरह पक्के अवैध निर्माण में तब्दील होने का शुभ मुहूर्त देख रहा है? या फिर लखनऊ की पहचान को मलबे में तब्दील करना ही इनकी नई डेवलपमेंट पॉलिसी है?
राहगीर जाम में फंसे हैं, विरासत दम तोड़ रही है और जिम्मेदार अधिकारी ठंडी वातानुकूलित फाइलों में डूबे हैं। अगर यही हाल रहा, तो वो दिन दूर नहीं जब लखनऊ की पहचान केवल कबाब और चिकन तक सिमट जाएगी, क्योंकि इमारतें तो साहब ने पहले ही अतिक्रमण के हवाले कर दी होंगी।
Lucknow up
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
सहजनवा गोरखपुर विकासखंड पिपरौली में शनिवार को पशु विभाग द्वारा ब्लॉक सभागार में पशुपालक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख दिलीप
गोरखपुर तहसील सहजनवा स्थित टीएन मेमोरियल पब्लिक स्कूल गीडा में आज वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व भारतीय
मथुरा फरह,फतिया निवासी पीतम और फरह निवासी काले कबाड़ी के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर रविवार दोपहर बाद झगड़ा
Leave a Comment: