देश की 1,948 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत 5.66 लाख करोड़ रुपये बढ़कर करीब 42 लाख करोड़ पहुंच गई है. अब तक 19.71 लाख करोड़ खर्च हुए, जबकि कई प्रोजेक्ट्स अंतिम चरण में हैं और नई योजनाएं भी जुड़ी हैं.


देश की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में बड़ा उछाल देखने को मिला है. 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 1,948 परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत फरवरी 2026 तक बढ़कर 41,98,684 करोड़ रुपये पहुंच गई है. यह आंकड़ा मूल लागत 36,32,088 करोड़ रुपये की तुलना में 5.66 लाख करोड़ रुपये अधिक है, जो परियोजनाओं की लागत में व्यापक वृद्धि को दर्शाता है.

 

रिपोर्ट में लागत बढ़ोतरी का स्पष्ट ब्योरा नहीं

आधिकारिक रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया है कि कुल कितनी परियोजनाओं की लागत में इजाफा हुआ है. हालांकि कुल लागत में आई बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि कई परियोजनाएं समय और बजट दोनों में विस्तार का सामना कर रही हैं.

अब तक 19.71 लाख करोड़ रुपये खर्च

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं पर अब तक 19.71 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. यह कुल संशोधित लागत का करीब 46.95 प्रतिशत है, जो बताता है कि परियोजनाओं पर काम लगातार जारी है और प्रगति भी हो रही है.

 

भौतिक और वित्तीय प्रगति का आंकड़ा

रिपोर्ट के मुताबिक, 740 परियोजनाओं (करीब 38 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है. वहीं, 250 परियोजनाएं वित्तीय रूप से 80 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं. इससे स्पष्ट है कि कई बड़े प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में पहुंच रहे हैं.

परिवहन क्षेत्र में सबसे ज्यादा परियोजनाएं

परिवहन और लॉजिस्टिक सेक्टर में सबसे अधिक 1,421 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी कुल लागत 22.96 लाख करोड़ रुपये है. इनमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 1,108 परियोजनाओं के साथ सबसे आगे है, जिनकी लागत 10.51 लाख करोड़ रुपये है. इसके बाद रेलवे क्षेत्र में 245 परियोजनाएं हैं, जिनकी कुल लागत 8.39 लाख करोड़ रुपये है.

अन्य क्षेत्रों में भी बड़े निवेश

कोयला, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और बिजली मंत्रालय भी बड़े स्तर पर परियोजनाएं चला रहे हैं. इनकी कुल लागत क्रमशः 2.4 लाख करोड़, 5.15 लाख करोड़ और 5.25 लाख करोड़ रुपये है, जो देश के ऊर्जा और संसाधन क्षेत्र में निवेश को दर्शाती है.

नई परियोजनाएं और हालिया उपलब्धियां

फरवरी 2026 के दौरान नौ प्रमुख परियोजनाएं पूरी की गईं. साथ ही 268 नई परियोजनाओं को निगरानी तंत्र पैमाना के तहत शामिल किया गया है. इनमें मुंबई रिफाइनरी की नई इकाई और केन-बेतवा लिंक जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं, जो आने वाले समय में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेंगी.

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