गांधी सभागार में बुधवार दोपहर आयोजित भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के किसान दिवस सम्मेलन में किसानों की समस्याएं जोरदार तरीके से उठाई गईं। प्रदेश सचिव गुरविंदर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को गंभीरता से रखने का प्रयास किया।
किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि वे पहले भी कई बार प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे किसानों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिल रही है। किसानों ने मांग की कि गेहूं खरीद केंद्र गांव के बाहर स्थापित किए जाएं, ताकि उन्हें दलालों और भीड़भाड़ से राहत मिल सके और खरीद प्रक्रिया पारदर्शी हो। मंडी नंबर 10 में किसानों के चेक बाउंस होने की घटनाओं को गंभीर बताते हुए संबंधित व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और बकाया भुगतान दिलाने की मांग की गई।
टाइगर रिजर्व क्षेत्र के पास बसे गांवों में फेंसिंग न होने से जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों ने इस पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। मधोपुर-अभयपुर से निकलने वाले खाले की सफाई न होने के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।कुल मिलाकर किसान दिवस सम्मेलन में किसानों का दर्द, नाराजगी और संघर्ष साफ नजर आया। अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी जल्दी और गंभीरता से कार्रवाई करता है।
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