????कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन पर लगाया प्रबंधन के दबाव में काम करने का आरोप


कमलापुर चीनी मिल में कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहा धरना गुरुवार को अचानक पुलिस कार्रवाई के बाद विवादों में घिर गया। दोपहर करीब दो बजे कमलापुर थाना प्रभारी ईतूल चौधरी भारी पुलिस बल के साथ चीनी मिल गेट पर पहुंची और धरने पर बैठे कर्मचारियों को हटाने का निर्देश दिया। कर्मचारियों के द्वारा 
बताया गया कि भारतीय चीनी मिल मजदूर संघ के बैनर तले कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार से मिल गेट पर तीन दिवसीय धरने पर बैठे थे। मजदूरों का कहना है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे और इसकी सूचना भी प्रशासन को दी जा चुकी थी।
गुरुवार दोपहर अचानक कमलापुर थाना प्रभारी दर्जनों पुलिस कर्मियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचीं और कर्मचारियों को तत्काल धरना समाप्त करने को कहा। जब मजदूरों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रखने की बात कही तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को वहां से हटा दिया।इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मजदूर संगठनों में आक्रोश है। मजदूर संघ के सचिव अरुण कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रशासन चीनी मिल प्रबंधन के दबाव में आकर कर्मचारियों की आवाज दबाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूर लंबे समय से अपने बकाया वेतन, भविष्य निधि और अन्य समस्याओं को लेकर अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई।उन्होंने कहा कि जब प्रशासन से न्याय नहीं मिला तो कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू किया था, लेकिन पुलिस ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उसे जबरन खत्म करा दिया। तिवारी ने कहा कि यदि प्रशासन मजदूरों को उनका हक दिलाने में इतनी ही तत्परता दिखाता तो आंदोलन की नौबत ही नहीं आती।मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसे बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा

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