बांदा, 10 मार्च 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जे. रीभा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं नियमित टीकाकरण टास्क फोर्स की बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि आशा कार्यकर्ताओं के चयन की लंबित प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कृष्णा नगर और जरौली में ओपीडी सेवाओं को बढ़ाने तथा कमासिन व जसपुर में ई-संजीवनी ओपीडी को अधिक सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को जनसुलभ बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।बैठक में ई-कवच पोर्टल पर आभा आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा, ताकि पात्र परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी एएनसी जांच समयबद्ध ढंग से कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी एएनएम द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जाती है तो उसे चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए विशेष रूप से महुआ विकासखंड में प्रयास तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में दो प्रसव केंद्र चिन्हित कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।बैठक में एचपीवी टीकाकरण की जानकारी देते हुए बताया गया कि 14 वर्ष की किशोरियों को यह टीका लगाया जाएगा, जिससे सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम संभव हो सकेगी। जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत महिला व पुरुष नसबंदी में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान बड़ोखर खुर्द, जसपुर और अतर्रा क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो सुपरवाइजर अथवा एएनएम अपने दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एएनएम को उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं पर विशेष निगरानी रखने और उनकी नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जीरो डोज बच्चों को टीकाकरण से जोड़ने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आशा और एएनएम को घर-घर संपर्क कर नियमित टीकाकरण अभियान को पूर्णतः सफल बनाने का निर्देश दिया।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र कुमार, जिला अस्पताल के सीएमएस, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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