जब इसकी भनक मीडिया टीम को हुई तो अब तक टी वी न्यूज चैनल के पत्रकार सन्तोष कुमार वर्मा ने वन विभाग के अधिकारी अवधेश ओझा दरोगा से बात किया तो उनके द्वारा बताया गया कि परमिट तो है लेकिन हमको पता नहीं है कि कितने पेड़ों की परमिट है जानकारी करके बताऊंगा और जब बाग में लगे पेड़ों को पूछा गया कि कितने पेड़ हैं और कितने पेड़ों की परमिट है तो उनके द्वारा बताया गया कि लगभग 25से30 पेड़ों की परमिट है
जब इस संबंध में क्षेत्रीय वन सुरक्षा अधिकारी से बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि कलमी आम के पेड़ों की परमिट है
और जब क्षेत्रीय वन दरोगा सर्वजीत सिंह से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया पेड़ों की परमिट है लेकिन यह नहीं बताया गया कि कलमी आम की परमिट या देसी आम की परमिट है बल्कि उनके द्वारा पत्रकार से कहा गया कि जितना खबर चलाना हो चलाओ हमारा कुछ नहीं बिगड़ने वाला है वहां बाग में लगे सारे पेड़ों की परमिट है
और जब क्षेत्रीय रेंजर विकासखंड चित्तौरा साकिब अन्सारी से मीडिया द्वारा बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया की हमको जानकारी नहीं है जानकारी करके बताता हुं
इस तरह से वन अधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन पर बताने के मुताबिक यह प्रतीत होता है की क्षेत्रीय वन अधिकारीयों की मिली भगत से इस काम को अंजाम दिया जा रहा है जो सही बात न बताकर जलेबी की तरह घुमाया जा रहा है
और जब क्षेत्रीय वन अधिकारीयों से सही सूचना नहीं प्राप्त हुई तब मीडिया द्वारा डीएफओ बहराइच को इस संबंध में सूचना दिया गया और जानकारी ली गई तो उनके द्वारा क्षेत्रीय रेंजर को और साथ में पत्रकार को मोबाइल द्वारा कॉन्फ्रेंस पर लेकर बताया गया की मौके की जांच करके बताइए और गलत हो तो कटे हुए पेड़ों पर कार्यवाही करदेना और अगर गलत नहीं है तो पत्रकार के ऊपर मुकदमा पंजीकृत करवादेना जो डीएफओ बहराइच व क्षेत्रीय रेंजर की कॉल रिकॉर्डिंग में साफ-साफ सुनाई दे रहा है।
इतना सब कुछ होने के बाद भी विभागीय अधिकारी व ठेकेदार द्वारा विभाग द्वारा बनाई गई परमिट को छुपाते रहे और न ही ठेकेदार द्वारा कोई सही बात बताई गई इससे यह प्रतीत होता है की कुछ दाल में जरूर काला है यह बात अब तक टीवी न्यूज चैनल व अब तक टीवी न्यूज़ चैनल के पत्रकार द्वारा इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है लेकिन जो वन विभाग के अधिकारियों द्वारा पत्रकार से बताया गया वह साफ-साफ सभी कॉल रिकॉर्डिंगों में सुनाई दे रहा है जो वन विभाग के अधिकारियों के कॉल रिकॉर्डिंग में तरह तरह की बातों से कुछ और इशारा कर रहा है जो जांच का विषय है
गुलाम मोहम्मद नामक ठेकेदार द्वारा N D न्यूज़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल के मंडल ब्यूरो चीफ बताकर करता है हरे आम के पेड़ों की कटान इससे N D न्यूज़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल ही नहीं बल्कि मीडिया जगत को बदनाम व छवि भी धूमिल कर रहा है
इतना ही नही जब क्षेत्रीय रेंजर मौके पर पोहुंचे तो उनके द्वारा सन्तोष कुमार वर्मा पत्रकार को फोन लगाकर सरकारी मुकदमा जैसी कठोर कार्यवाही करने की धमकी दी गई जबकी भारतीय नागरिक होने के कारण किसी से भी संविधान के तहत कोई भी भारतीय नागरिक जानकारी ले सकता है
इतना ही नहीं बल्कि जनपद बहराइच में कई बार खबरें प्रकाशित हो चुकी है कि हरे पेड़ों की परमिट विभाग द्वारा जारी तो की जाती है लेकिन विभाग द्वारा चंद पैसों के लिए बिना परमिट के अवैध हरे भरे पेड़ों को भी कटवा दिया जाता है और बिना लोडिंग परमिट व बोटा लिस्ट के माल को बाहर भी करा दिया जाता है
इतना ही नहीं बल्कि सूत्रों के हवाले यह भी खबर है कि ठेकेदारों द्वारा कटे हुए पेड़ों के साथ साथ जी सी बी द्वारा पेड़ों की जड़ों को खोदाई करके तत्व को छुपा दिया जाता है
और जगदीशपुर सोखा के मजरा आलागंज में भी सूत्रों के हवाले खबर है कि तत्व को छुपाने के लिए पेड़ों की जड़ों को ठेकेदार द्वारा जी सी बी से खोदने की प्लानिंग बनाई जा रही है जो यह मामला बहुत निंदनीय और जांच का विषय है
अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद योगीराज में कटे हुए पेड़ों की जांच होती है या जगदीशपुर सोखा के मजरा आलागंज में भी कटे हुए पेड़ों को बिना बोटा लिस्ट व लोडिंग परमिट के माल बाहर करवा दिया जाता है
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