राष्ट्रीय स्तरीय प्रकोष्ठ
(कार्य – अधिकार – संरचना)
1. राष्ट्रीय अध्यक्षीय प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का सर्वोच्च नेतृत्व।
(ख) केंद्र सरकार, राष्ट्रीय संस्थाओं एवं आयोगों से संवाद।
(ग) प्रदेश इकाइयों का मार्गदर्शन एवं समन्वय।
अधिकार:
(क) राष्ट्रीय नीतिगत निर्णय लेना।
(ख) संगठनात्मक निर्देश जारी करना।
संरचना:
(क) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(ख) कार्यकारी अध्यक्ष/उपाध्यक्ष
(ग) विशेष सलाहकार परिषद
2. राष्ट्रीय संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर पर संगठन विस्तार।
(ख) प्रदेश एवं जिला इकाइयों का गठन एवं समीक्षा।
अधिकार:
(क) संगठनात्मक स्वीकृति एवं अनुशंसा।
संरचना:
(क) राष्ट्रीय संगठन सचिव
(ख) सदस्य
3. राष्ट्रीय नीति एवं रणनीति प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय किसान नीति, कानून एवं रणनीति तैयार करना।
(ख) दीर्घकालीन आंदोलन एवं संगठन योजना।
अधिकार:
(क) नीति दस्तावेज़ जारी करना।
संरचना:
(क) नीति प्रमुख
(ख) विशेषज्ञ सदस्य
4. राष्ट्रीय किसान अधिकार एवं संरक्षण प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय स्तर के किसान उत्पीड़न मामलों में हस्तक्षेप।
(ख) संवैधानिक व मानवाधिकार संस्थाओं से संवाद।
अधिकार:
(क) राष्ट्रीय आंदोलन एवं कानूनी कार्यवाही की सिफारिश।
संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विधिक एवं तथ्य जांच टीम
5. राष्ट्रीय विधिक एवं संवैधानिक प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) कृषि कानूनों एवं संवैधानिक प्रावधानों का अध्ययन।
(ख) कानूनी मार्गदर्शन एवं ड्राफ्ट तैयार करना।
अधिकार:
(क) कानूनी राय एवं सुझाव देना।
संरचना:
(क) मुख्य विधि सलाहकार
(ख) अधिवक्ता सदस्य
6. राष्ट्रीय महिला किसान प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय महिला किसान नीति एवं अभियान।
अधिकार:
(क) राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व की मांग।
संरचना:
(क) राष्ट्रीय अध्यक्ष
(ख) सदस्य
7. राष्ट्रीय युवा एवं छात्र किसान प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय युवा किसान नेतृत्व निर्माण।
अधिकार:
(क) राष्ट्रीय अभियान चलाना।
संरचना:
(क) संयोजक
(ख) सदस्य
8. राष्ट्रीय मीडिया, प्रेस एवं डिजिटल प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) राष्ट्रीय मीडिया रणनीति।
(ख) प्रेस, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालन।
अधिकार:
(क) राष्ट्रीय वक्तव्य एवं प्रेस विज्ञप्ति जारी करना।राष्ट्रीय किसान यूनियन (सिद्धार्थ)
जिला स्तरीय प्रकोष्ठ
(कार्य – अधिकार – संरचना)
1. जिला अध्यक्षीय प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) जिले में संगठन का समग्र नेतृत्व करना।
(ख) जिला स्तर के समस्त प्रकोष्ठों के कार्यों का समन्वय एवं निगरानी करना।
(ग) जिला स्तरीय बैठकों, आंदोलनों एवं कार्यक्रमों की अध्यक्षता करना।
अधिकार:
(क) जिला स्तर के पदाधिकारियों एवं प्रकोष्ठों को आवश्यक निर्देश जारी करना।
(ख) आपात परिस्थितियों में संगठन हित में तात्कालिक निर्णय लेना।
(ग) प्रदेश इकाई को नियमित रिपोर्ट एवं प्रस्ताव प्रेषित करना।
संरचना:
(क) जिला अध्यक्ष
(ख) एक या अधिक जिला उपाध्यक्ष
(ग) विशेष आमंत्रित सदस्य (आवश्यकतानुसार)
2. जिला संगठन एवं विस्तार प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) ग्राम, ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर संगठन का विस्तार करना।
(ख) सदस्यता अभियान संचालित करना।
(ग) नई इकाइयों एवं समितियों के गठन की प्रक्रिया करना।
अधिकार:
(क) सदस्यता सत्यापन एवं अनुशंसा करना।
(ख) संगठनात्मक विस्तार संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करना।
संरचना:
(क) प्रकोष्ठ प्रभारी
(ख) सह-प्रभारी
(ग) 5 से 10 कार्यकारिणी सदस्य
3. जिला किसान अधिकार प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) किसानों के संवैधानिक, कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों की रक्षा करना।
(ख) जिला प्रशासन एवं विभागों से समन्वय स्थापित करना।
(ग) किसान उत्पीड़न से संबंधित मामलों में हस्तक्षेप करना।
अधिकार:
(क) ज्ञापन एवं मांग-पत्र प्रस्तुत करना।
(ख) जांच अथवा कार्यवाही की मांग करना।
संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विधिक सलाहकार
(ग) सदस्य
4. जिला कृषि समस्या समाधान प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) फसल, सिंचाई, खाद, बीज एवं कृषि संसाधनों से संबंधित समस्याओं की पहचान।
(ख) संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान की पहल।
अधिकार:
(क) विभागीय बैठकों के आयोजन की मांग करना।
संरचना:
(क) संयोजक
(ख) विषय विशेषज्ञ
(ग) सदस्य
5. जिला महिला किसान प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) महिला किसानों को संगठित करना।
(ख) महिला किसानों के अधिकारों एवं योजनाओं की जानकारी देना।
अधिकार:
(क) महिला किसान संबंधी मुद्दों पर प्रस्ताव प्रस्तुत करना।
संरचना:
(क) अध्यक्ष
(ख) महासचिव
(ग) सदस्य
6. जिला युवा किसान प्रकोष्ठ
कार्य:
(क) युवा किसानों को संगठन से जोड़ना।
(ख) प्रशिक्षण एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम संचालित करना।
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